गोरखपुर में शनिवार को बिजली कर्मचारियों ने दंडात्मक कार्रवाई वापस लेने और जबरन स्मार्ट मीटर लगाने के विरोध में प्रदर्शन किया। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले कर्मचारियों ने विभागीय कार्यालयों पर एकत्र होकर नाराजगी जताई और अपनी मांगों को दोहराया। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि आंदोलन के दौरान कर्मचारियों पर की गई सभी उत्पीड़नात्मक और दंडात्मक कार्रवाइयाँ तत्काल प्रभाव से वापस ली जानी चाहिए। साथ ही कर्मचारियों के घरों पर जबरन स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया रोकी जाए। समिति का कहना है कि इन दोनों मुद्दों पर कोई समझौता नहीं होगा और यही आगामी वार्ता का मुख्य एजेंडा रहेगा। होली के बाद चेयरमैन से वार्ता प्रस्तावित
समिति के अनुसार, लखनऊ स्थित शक्ति भवन में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल से होली के बाद वार्ता का समय तय हुआ है। संभावना है कि 5 मार्च को औपचारिक बैठक हो सकती है। गोरखपुर इकाई ने उम्मीद जताई कि वार्ता में ठोस समाधान निकलेगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान तकनीकी संवर्ग को लेकर की गई टिप्पणी को लेकर गोरखपुर में भी कर्मचारियों ने कड़ी आपत्ति जताई। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि तकनीकी अधिकारी और कर्मचारी कठिन परिस्थितियों में दिन-रात काम कर विद्युत आपूर्ति बनाए रखते हैं। ऐसे कर्मचारियों के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग अस्वीकार्य है। संघर्ष समिति ने चेयरमैन से सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करने की मांग की है। 458 दिन से जारी आंदोलन
निजीकरण और दमनात्मक कार्रवाइयों के विरोध में चल रहा आंदोलन 458 दिन पूरा कर चुका है। इस अवसर पर गोरखपुर में भी कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाते हुए प्रदर्शन जारी रखा। समिति ने साफ कहा कि जब तक सभी कार्रवाई वापस नहीं ली जाती और जबरन स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया बंद नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।