गोरखपुर में वीपीडी सर्विलांस वर्कशॉप:CMO ने टीकाकरण मजबूत करने का निर्देश, कमजोर ब्लॉकों को दी चेतावनी

गोरखपुर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. राजेश झा की अध्यक्षता में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सहयोग से जिला वीपीडी (वैक्सीनेशन प्रिवेंटेबल डिजीज) सर्विलांस कार्यशाला का आयोजन एक निजी होटल में किया गया। कार्यशाला में CMO ने सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया कि नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा उन बीमारियों की सतत निगरानी जारी रखी जाए, जिन्हें टीकाकरण के माध्यम से रोका जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने जिला स्वास्थ्य समिति की कार्यकारी बैठक में जिले में चल रहे सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की गहन समीक्षा भी की। सतत निगरानी से पोलियो उन्मूलन संभव
CMO डॉ. झा ने कहा कि मजबूत और निरंतर निगरानी प्रणाली की बदौलत देश ने पोलियो उन्मूलन में बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने चेताया कि संभावित मामलों पर सतर्क रहना अब भी जरूरी है। विभाग की जिम्मेदारी सिर्फ टीके लगवाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस बात पर भी लगातार नजर रखनी होगी कि कहीं किसी बीमारी का प्रसार तो नहीं हो रहा है जिसे टीकाकरण से रोका जा सकता है। जन्म से 5 साल तक सात बार टीकाकरण अनिवार्य CMO ने कहा कि समुदाय तक यह संदेश निरंतर पहुंचे कि जन्म से पाँच वर्ष की आयु तक बच्चों का सात बार नियमित टीकाकरण अनिवार्य है। इससे लगभग 12 गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं और किशोरों के टीकाकरण को लेकर भी जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बताई। कमजोर ब्लॉकों को कड़ी चेतावनी बैठक में CMO ने जिले के कार्यक्रम संकेतकों की समीक्षा की और कमजोर प्रदर्शन करने वाले ब्लॉकों को तत्काल सुधार करने की चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी मरीज को बाहरी दवा या जांच लिखने की प्रथा बंद होनी चाहिए। यदि ऐसी शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। कार्यक्रम में ACMO डॉ. नंदलाल कुशवाहा, WHO प्रतिनिधि डॉ. विनय शंकर सहित सभी ब्लॉकों के अधीक्षक और प्रभारी चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहे।