गोरखपुर के बशरतपुर स्थित सेंट जॉन चर्च में 159 साल बाद पवित्र वेदी (अल्टर) का स्वरूप बदलते हुए नई स्थायी वेदी स्थापित की गई। डायसिस ऑफ लखनऊ के अंतर्गत आने वाले चर्च में सहारनपुर से प्रतिनिधिमंडल विशेष रूप से तैयार वेदी लेकर पहुंचा। सुंदर वुडकार्निंग और बेहतरीन फिनिशिंग से बनी यह वेदी चर्च की आस्था और आराधना का प्रमुख केंद्र मानी जाती है। नई वेदी की स्थापना से पहले कलीसिया की ओर से लगातार दो रात चैन प्रेयर किया गया। रविवार सुबह विशेष आराधना के दौरान प्रभु की उपस्थिति में वेदी को विधिवत समर्पित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और पूरे परिसर में श्रद्धा का वातावरण बना रहा। 1857 के गदर के बाद अब मिली स्थायी वेदी पादरी रोशन लाल ने कहा कि वेदी परमेश्वर का हृदय होती है और कलीसिया के आध्यात्मिक जीवन का केंद्र है। उन्होंने बताया कि 1857 के गदर के दौरान चर्च के घंटा और वेदी को नुकसान पहुंचा था। लंबे इंतजार के बाद अब स्थायी वेदी स्थापित होने से कलीसिया के लिए यह महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अवसर है। श्रद्धालुओं और कमेटी सदस्यों की रही मौजूदगी वीपी अलेक्जेंडर ने बताया कि इस अवसर पर पादरी रोशन लाल, बरेला बेंजमिन, ग्लैड दान, अमित रॉबर्ट, ज्योत्सना कश्यप, पीसी क्लिफर्ड, जेएच पार्कर, विनोद जोशुआ, मुकेश पावेल, वेलमा थॉमस सहित पेस्ट्रेट कमेटी के सदस्य मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने इस खास पल को अपने मोबाइल में कैद किया।