चतुर्वेद प्रतियोगिता में दिखा वैदिक ज्ञान का हुनर:प्रयागराज के श्री स्वामी नरोत्तमानंद गिरि वेद विद्यालय में हुआ आयोजन

झूंसी स्थित श्री स्वामी नरोत्तमानंद गिरि वेद विद्यालय में आज मंगलवार को वैदिक परंपरा एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से ब्रह्मलीन श्री स्वामी शारदानंद गिरि समरणोत्सव के अवसर पर चतुर्वेद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में प्रयागराज की स्थानीय वेद पाठशालाओं से ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद एवं अथर्ववेद के वेद छात्रों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गीता प्रेस गोरखपुर के ट्रस्टी कृष्ण कुमार खेमका ने कनिष्ठ एवं वरिष्ठ वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान हासिल करने वाले विजयी छात्रों को पुरस्कार, प्रमाण-पत्र, शील्ड आदि देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा, वैदिक विद्वानों की पूरे संसार में प्रतिष्ठा और सम्मान है। प्रतियोगिता में परीक्षक के रूप में वाराणसी एवं लखनऊ से विद्वान परीक्षकों ने वेद छात्रों से शुद्ध उच्चारण, स्वर संचालन, कंठस्थीकरण, वेदपाठ की शुद्धता आदि के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया। प्राचार्य ब्रजमोहन पाण्डेय ने सांत्वना पुरस्कार पाने वाले वेद छात्रों को आगे और अधिक मेहनत करने व निरंतर अभ्यास के साथ वेदाध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। परमानंद आश्रम प्रबंधन ने सभी प्रतिभागियों, आचार्यों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसी प्रतियोगिताएं आयोजित करने के लिए अपने प्रतिबद्धता जताई। इस अवसर पर प्रमुख रूप से श्री राधा कृष्ण वेद विद्यालय, भारतीय चतुर्धाम वेद भवन, आदि गुरु श्री दत्तात्रेय वेद विद्यालय, वेद निधि वेद विद्यालय समेत श्री स्वामी नरोत्तमानंद गिरि वेद विद्यालय के करीब 60 वेद छात्र शामिल रहे। कार्यक्रम में मोहन ब्रह्मचारी, अविनाश ओझा, अजय मिश्र, रजनीकान्त, अतुल शर्मा, शिवनारायण शुक्ल, अशोक त्रिपाठी, विकास मिश्रा, विशाल, ओंकार, द्वारिका मिश्रा आदि मौजूद रहे।