आईआईटी बीएचयू के सांस्कृतिक महोत्सव काशीयात्रा 2026 का भव्य शुभारंभ गुरुवार को स्वतंत्रता भवन में हुआ। उद्घाटन समारोह साहित्य, संगीत, कला और सृजनात्मक अभिव्यक्ति का एक जीवंत उत्सव बन गया, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्पिक मैके के तत्वावधान में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित तारापदा रजक ने पश्चिम बंगाल के पारंपरिक पुरुलिया छऊ नृत्य की सशक्त प्रस्तुति दी। युद्धकला के तत्वों, पारंपरिक मुखौटों और पौराणिक कथानकों से सुसज्जित इस नृत्य ने भारत की समृद्ध अमूर्त सांस्कृतिक विरासत को भली-भांति दर्शाया और दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इसके पश्चात राष्ट्रीय तानसेन पुरस्कार (2025) एवं संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित विश्वविख्यात संतूर वादक पंडित तरुण भट्टाचार्य की मनमोहक संतूर प्रस्तुति हुई। उनकी आत्मीय और मधुर रचनाओं से सभागार दिव्य अनुभूति से भर उठा और युवा अभियंता मंत्रमुग्ध हो गए। इस बार आयोजित होगा कार्निवल प्रो. राजेश कुमार ने बताया कि काशीयात्रा 2026 में देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से लगभग 1,800 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संस्करण में पारंपरिक और समकालीन कला रूपों का अनूठा संगम, अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुतियां और विविध छात्र-प्रेरित प्रतियोगिताएं शामिल हैं। काशीयात्रा 2026 का एक प्रमुख आकर्षण इंटरनेशनल कार्निवल होगा, जिसमें प्रसिद्ध ग्रैफिटी कलाकार डॉ. टॉय तथा चर्चित सितार वादक सेप्पे सितार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। 3 दिनों तक होगी प्रतियोगिता महोत्सव के अंतर्गत अभिनय, बंदिश, क्रॉसविंड्स, एनक्विज़िटा, मिराज, नटराज, संवाद, तूलिका और ज़ायका जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं, जिनमें नाट्य, संगीत, नृत्य, क्विज़, फैशन, साहित्यिक कला, ललित कला एवं पाक-कला शामिल हैं। ये कार्यक्रम टेक्नो पैवेलियन, संस्थान परिसर, राजपुताना ग्राउंड, लेक्चर थिएटर (एलटी-3 एवं एलटी-4) तथा गोपाल त्रिपाठी ऑडिटोरियम में आयोजित होंगे।