मेरठ के जानी थाना क्षेत्र में 12वीं कक्षा की एक छात्रा से पिछले तीन साल से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। स्कूल जाने के दौरान गांव के ही तीन युवक उसका पीछा करके छेड़खानी करते थे। स्कूल आते-जाते उसे परेशान करने का मामला बढ़ता गया। ऐसे में उसने स्कूल जाना छोड़ दिया। करीब डेढ़ महीने से वह स्कूल नहीं जा रही है। 29 सिंतबर को पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा नहीं किया। वह अब भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। वह कॉल करके धमकी दे रहे हैं। अंजान नंबरों से फोन करके परेशान कर रहे हैं। इसी से परेशान होकर शनिवार को छात्रा ने अपने माता-पिता के साथ डीआईजी से मिलकर शिकायत की है। अब विस्तार से जानिए पूरा मामला… यह पूरा मामला जानी थाना क्षेत्र के एक गांव का है। यहां रहने वाली 12वीं की एक छात्रा पिछले करीब डेढ़ महीने से स्कूल नहीं जा रही है। उसके पिता मजदूरी करते हैं। छात्रा का आरोप है कि स्कूल जाने के दौरान गांव के ही तीन युवक उसे परेशान करते हैं। जब वह 10वीं में थी, तभी से छेड़खानी करते थे। तब उसके पिता पुलिस चौकी में शिकायत करते थे। पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई के बजाए डांट-फटकार कर छोड़ देती थी। कुछ दिन बाद आरोपी फिर से रास्ते में पीछा करके छेड़खानी करने लगते थे। पुलिस की ओर से ठोस कार्रवाई न होने से आरोपियों के हौसले बुलंद होते रहे। करीब छह महीने पहले फिर से छेड़खानी की तो उसके पिता ने जानी थाना में जाकर शिकायत की। पुलिस ने आरोपियों को बुलाकर कार्रवाई की घुड़की दी। फिर करीब चार महीने तक मामला सामान्य रहा। घर में अकेला देखकर दो अंदर घुसे, एक बाहर पहरेदारी करता रहा करीब डेढ़ महीने पहले 28 सितंबर को तीनों आरोपी छात्रा के घर में घुस गए। उस समय उसके माता-पिता दवा लेने गए हुए थे। एक आरोपी दरवाजा पर खड़ा रहा। दो अंदर घुसे और छात्रा से छेड़खानी करने लगे। छात्रा का आरोप है कि उन दाेनों ने दुष्कर्म की कोशिश की। इसी दौरान उसके माता-पिता आ गए तो आरोपी भाग खड़े हुए। बाद में उसके पिता को फोन करके कहा कि मुझे आपकी बेटी पसंद है। उसी दिन छात्रा और उसके पिता थाना पहुंचे। तहरीर दी। एक आरोपी को पुलिस ने पकड़ लिया। फिर देर रात उसे छोड़ दिया। उसके छोड़े जाने की जानकारी पर छात्रा का परिवार अगले दिन 29 सितंबर को फिर थाना पहुंचा। तब पुलिस ने तहरीर के आधार पर एक आरोपी सोनू पुजारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। उसे उसी शाम गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। वह अब भी जेल में है। जबकि जिन दो और आरोपियों की शिकायत की थी, उनका नाम मुकदमा में शामिल नहीं किया गया है। पीड़ित छात्रा और उसके परिवार का कहना है कि उन दो आरोपियों में से एक किराना दुकान चलाता है, जबकि एक ठेकेदार है। वह दोनों अंजान नंबराें से फोन करके उठा लेने की धमकी दे रहे हैं। इससे छात्रा और उसका परिवार दहशत में है। इसी के तहत शनिवार को पीड़ित छात्रा ने डीआईजी कला निधि नैथानी से मिलकर पूरी बात बताई है। डीआईजी ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया है।