जयपुर में फंसे शंकर लाल 13 साल बाद घर लौटे:जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कराया मुक्त, परिवार से मिलकर भावुक हुए

प्रतापगढ़ के दिलीपपुर निवासी शंकर लाल पुत्र हनुमंत लाल 13 साल बाद अपने घर लौट आए हैं। उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रयासों से जयपुर से मुक्त कराया गया। शनिवार दोपहर पीएलवी राम प्रकाश पाण्डेय और अनिल पाण्डेय द्वारा उन्हें सकुशल घर पहुंचाया गया। शंकर लाल लगभग 13 वर्ष पूर्व 26 दिसंबर 2012 को अपने घर से मिठाई की दुकान से कहीं चले गए थे। उन्होंने बताया कि जयपुर (राजस्थान) में उन्हें एक स्थान पर बंधक बनाकर रखा गया था। वहां उन्हें बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी और उनसे घरेलू कार्य कराए जाते थे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर महानगर के प्रयासों से उन्हें बंधक से मुक्त कराया गया। इसके बाद उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रतापगढ़ के सुपुर्द किया गया, जिन्होंने उनकी घर वापसी सुनिश्चित की। यह मानवीय कार्य प्रतापगढ़ के जिला न्यायाधीश राजीव कमल पाण्डेय, अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रतापगढ़ के निर्देश पर किया गया। प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राम लाल, अपर जिला जज जनपद न्यायालय प्रतापगढ़ के निर्देशन में यह प्रक्रिया पूरी हुई। अपने घर पहुंचकर शंकर लाल प्रसन्न दिखाई दिए। उनके बड़े भाई राजेश, श्याम बाबू, छोटे भाई देवा सहित परिजन और गांव के लोग 13 वर्षों बाद उनकी सकुशल घर वापसी पर भावुक और उत्साहित थे। गांव में खुशी का माहौल देखा गया।