यूपी के महोबा जिले में 30 जनवरी को कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत भिड़ गए थे। वजह थी चरखारी विधानसभा के 100 गांवों में पानी न पहुंचा और पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत न होना। विधायक के इस दावे की जांच करने दैनिक भास्कर ग्राउंड जीरो पर पहुंचा। लोगों से बात की। दरअसल, महोबा में नमामि गंगे योजना ने लोगों की मुसीबतें बढ़ाने का काम किया है। बृजभूषण राजपूत ने जिन सैकड़ों ग्राम प्रधानों के साथ कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव का रास्ता रोका था, उन गांवों की सड़कों में 3-3 फीट के गड्ढे हैं। जहां-तहां पानी की पाइपें पड़ी हैं। कहीं पानी सड़कों पर बह रहा, तो कहीं टोटियां सूखी पड़ी हैं। लोगों का कहना है कि इस योजना ने गांव की दशा खराब कर दी। लाइन बिछाने के लिए अच्छी-खासी सीसी सड़कें खोद दी गईं। 3-4 फीट के गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए। पाइप डालकर हर घर के सामने छोड़ दिया गया। न उसमें टोटी लगाई, न ही घर के अंदर कनेक्शन दिया। कहीं घर के बाहर पानी बह रहा, कहीं पानी ही नहीं पहुंच रहा। हमारी पड़ताल में विधायक बृजभूषण राजपूत की विधानसभा के गांव दुलारा, कुसरमा, सबुआ, बल्लांय और अनघौरा, चंदौली समेत 8 गांवों में हालात खराब मिले। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पहले पढ़िए पूरा मामला महोबा में 30 जनवरी को भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत और कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह आपस में भिड़ गए। दोपहर करीब साढ़े 3 बजे विधायक ने 100 ग्राम प्रधानों के साथ मिलकर उनका रास्ता रोक लिया। 30 कार और 20 बाइकें मंत्री के काफिले के सामने खड़ी कर दीं। विधायक ने मंत्री से अपनी विधानसभा के 100 गांवों में पानी न पहुंचने और पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत न होने पर नाराजगी जताई। कहने लगे- जिले के 90 प्रतिशत गांवों के लोग मुझसे पूछते हैं। मैं क्या जवाब दूं? इस दौरान विधायक के समर्थकों की सीओ सदर और कोतवाल से भी झड़प हो गई।
इस पर स्वतंत्र देव सिंह ने विधायक से कहा कि मैं 40 गांव चलने को तैयार हूं। पानी दिलाना हमारा काम है। अफसर मेरे साथ हैं। अगर कहीं सड़कें खुदी हैं और पानी नहीं मिल रहा, तो अफसरों को सस्पेंड कर दूंगा। इसके बाद स्वतंत्र देव अपनी गाड़ी में बैठ गए। गाड़ी के अंदर भी विधायक और मंत्री के बीच बहस हुई। लोग नारेबाजी करते रहे। करीब आधे घंटे हंगामे के बाद विधायक को अपनी गाड़ी में बिठाकर डीएम ऑफिस ले गए। वहां प्रधानों के साथ करीब आधे घंटे बैठक हुई। 20 दिन में सारी खुदी सड़कें ठीक करने का भरोसा दिया गया। तब जाकर मामला शांत हुआ। अब पढ़िए गांवों से रिपोर्ट लोग बोले- हर घर नल योजना मुसीबत बन गई
महोबा जिला मुख्यालय से करीब 30 किमी दूर चरखारी विधानसभा का गांव दुलारा है। यहां की पक्की सड़क खुदी पड़ी हैं। घरों के बाहर नमामि गंगे की योजना का पाइप तो पड़ा है, लेकिन उनमें टोटियां नहीं लगाई गई हैं। आधे गांव में पानी सड़क पर बहता मिला। आधे गांव में तो पाइपों में पानी ही नहीं पहुंचा है। गांव के मान सिंह, लखन वर्मा, भगवानदीन अहिरवार और बबीता ने बताया- पाइप लाइन बिछाने के बाद विभागीय जिम्मेदार मौके से रफूचक्कर हो गए। सड़कों की मरम्मत नहीं कराई। गांव में पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। हर घर जल योजना का उद्देश्य घर-घर पानी पहुंचाना था, लेकिन दुलारा में यह योजना केवल कागजों तक सिमट कर रह गई। पाइपलाइन होने के बावजूद नलों से पानी नहीं आ रहा। इससे महिलाएं और बुजुर्ग दूरदराज से पानी लाने को मजबूर हैं। विधायक बृजभूषण राजपूत के गुस्से को लेकर यहां के लोगों का कहना है कि अफसरों ने उनकी बात नहीं मानी। इसके चलते मजबूरी में उन्हें ऐसा कदम उठाना पड़ा। गांववालों की मांग है, जल्द से जल्द सड़कों की मरम्मत कराई जाए। हर घर नल से जल योजना के तहत नियमित जलापूर्ति हो। कुसरमा गांव में डेढ़ हजार लोग झेल रहे परेशानी
दुलारा के पास ही गांव कुसरमा है। जल जीवन मिशन के तहत इस गांव में भी खोदे गए रास्ते पूरी तरह खराब पड़े हैं। करीब 1500 की आबादी वाले इस गांव में हफ्ते में दो या तीन दिन ही पानी मिल रहा। रास्ते खराब होने से गांववाले परेशान हैं। भाजपा नेता बोले- 3 साल की समस्या 20 दिन में कैसे दूर होगी
गांव कुसमारा के रहने वाले भाजपा के सेक्टर संयोजक बृजेंद्र कुशवाहा ने भी जल जीवन मिशन से खुदाई कर रास्ते खराब होने की बात कही। कहा- हम लोग 3 साल से इस समस्या से जूझ रहे हैं। मंत्री ने 20 दिन में हल कराने को कहा है। ये कैसे होगा, यह अफसर ही जानें। इसके अलावा ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गुलाब सिंह, हरि सिंह, मंगल सिंह और भाजपा के बूथ अध्यक्ष रविंद्र राजपूत ने कहा कि काम करने के बाद अफसर दोबारा यहां देखने नहीं आए। डीएम बोलीं- सिर्फ 11 किमी का काम बाकी
महोबा की डीएम गजल भारद्वाज ने बताया- चरखारी विधानसभा में 717 किमी सीसी रोड पाइपलाइन डालने के दौरान क्षतिग्रस्त हुआ था। इसमें 706 किमी का सीसी निर्माण हो चुका है। इसका एक एजेंसी से स्थलीय निरीक्षण कराया जा चुका है। बाकी 11 किमी की जो रोड है, उसके निर्माण के लिए कार्यदाई संस्था को निर्देशित किया जा चुका है। विधायक बोले- मेरे साथ चलकर हकीकत देखें अफसर
चरखारी के विधायक बृजभूषण राजपूत ने कहा- जो अधिकारी ये आंकड़े दे रहे हैं, मेरे साथ चलें। अगर उनके आंकड़े सही नहीं पाए जाते हैं तो वो क्या करेंगे, यह तय कर लें। जलशक्ति मंत्री ने 20 दिन का समय मांगा है। अगर रास्ते सही नहीं हुए, तो आलाकमान तक बात रखेंगे। फिर हमारे क्षेत्र की जनता और प्रधान जो कहेंगे, हम वो करेंगे। अब 30 जनवरी को हुए हंगामे के बारे में पढ़िए मंत्री और विधायक के बीच क्या बात हुई.… मंत्री: जहां कहीं शिकायत है, वहां मुझे लेकर चलो। उस गांव में मैं खुद चलता हूं। अपने कार्यक्रम छोड़कर चलता हूं। चलो… विधायक: एक मिनट-एक मिनट…40 से 50 गांव हैं। मंत्री: मैं 40 गांवों में चलूंगा। मैं सभी जगह चेक करने चलूंगा। मेरे साथ अफसर हैं। सभी जगह देखूंगा। अफसरों की लापरवाही होगी, तो सस्पेंड कर दूंगा। विधायक: भाई साहब, सड़कें खुदी पड़ी हैं। रास्ते खुदे पड़े हैं। भाई साहब…। मंत्री: सड़कें खुदी रहेंगी, तब भी मैं अफसरों को सस्पेंड कर दूंगा। मैं गांवों में चलने को तैयार हूं, चलो न मेरे साथ…। मंत्री से विधायक बोले- अफसर हमारी सुनते नहीं
मंत्री ने विधायक को अपनी गाड़ी में बैठाया। विधायक हाथ पर हाथ पटकते हुए मंत्री से यही कहते रहे कि जितने भी प्रधान आए हैं, उन सभी के गांवों में समस्या है। हर घर नल योजना में जमकर लापरवाही हुई है। आप लोग कुछ भी नहीं देखते। ग्राउंड की समस्या बहुत बड़ी है। विधायक ने योजना में भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया। विधायक ने मंत्री से साफ कहा कि अफसर हमारी सुनते नहीं हैं। SDM-CO और इंस्पेक्टर से हुई थी धक्का-मुक्की
मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की सुरक्षा में तैनात पुलिस अफसरों से भाजपा विधायक के समर्थकों की झड़प हुई थी। SDM और CO लोगों को समझाते रहे, लेकिन वे मंत्री का काफिला आगे बढ़ने नहीं दे रहे थे। तब स्वतंत्र देव सिंह ने मोर्चा संभाला और पुलिसवालों को समझाया। अफसर और समर्थक उलझते दिखाई दिए। उनकी जिद सिर्फ एक थी पूरी समस्या मंत्री के सामने रखेंगे। विवाद बढ़ता देख मंत्री स्वतंत्र देव सिंह विधायक को लेकर खुद डीएम ऑफिस पहुंचे थे। डीएम गजल भारद्वाज के साथ मंत्री ने विधायक और प्रधानों की बैठक कराई थी। डीएम ने 20 दिन में सारी खुदी हुई सड़कों को ठीक कराने का आश्वासन दिया था। जिसके बाद प्रधान और विधायक माने थे। अखिलेश ने कहा था- डबल इंजन ही नहीं, डिब्बे भी टकरा रहे
मंत्री-विधायक के टकराव पर अखिलेश यादव ने X पर लिखा था- हमने तो पहले ही कहा था कि भाजपा के ‘डबल इंजन’ ही नहीं डिब्बे भी आपस में टकरा रहे हैं। पैसे कमाने और जमीन कब्जाने में लगे भाजपा के मंत्री हों या विधायक, इनमें से कोई भी जनता या विकास का काम नहीं कर रहे। इसीलिए जनता के गुस्से से बचने के लिए वो एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रहे। सपा प्रमुख ने कहा था- वैसे ये न सोचा जाए कि ये इन दोनों के बीच की ही लड़ाई है। दरअसल, ये तो केवल सैंपल या कहें नमूना है, हर विधानसभा क्षेत्र में यही हाल है। इस बार भाजपा को चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशी ही नहीं मिलेंगे। ————————– ये खबर भी पढ़ें पूर्व IPS अमिताभ की तबीयत फिर बिगड़ी, देवरिया मेडिकल कॉलेज में भर्ती, पेट दर्द-घबराहट की शिकायत देवरिया जिला जेल में बंद पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर की तबीयत शनिवार को फिर बिगड़ गई। पेट में तेज दर्द और बेचैनी के बाद जेल प्रशासन ने उन्हें महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। अमिताभ पिछले एक सप्ताह से पेट दर्द की समस्या से जूझ रहे थे। जेल अस्पताल में तैनात डॉ. राहुल त्रिपाठी ने दवाएं दी थीं, जिससे उन्हें कुछ समय के लिए राहत मिली थी। शनिवार सुबह अचानक फिर से तेज दर्द शुरू हो गया और घबराहट होने लगी। पूरी खबर पढ़ें