जानकीघाट स्थित दर्शन भवन मंदिर में ठाकुर जानकी जीवन सरकार का 18वां प्राकट्योत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। मंदिर के महंत डॉ. ममता शास्त्री के संयोजन में आयोजित इस महोत्सव में सांध्य बेला पर ठाकुर श्री जानकी जीवन सरकार को भव्य फूल बंगले में विराजमान कराया गया। कोलकाता, हैदराबाद, देहरादून, वाराणसी एवं अयोध्या से मंगाए गए क्विंटलों सुगंधित पुष्पों से मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। रंग-बिरंगे पुष्पों की अनुपम छटा ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्ति गीतों और जयकारों से वातावरण देर रात तक गुंजायमान रहा।महोत्सव के अंतिम दिन प्रातः नर्मदेश्वर भगवान शिव का विधिवत अभिषेक किया गया। इसके उपरांत श्री विश्वनाथ गौ सेवा दर्शन मंदिर में गौ माता का विशेष पूजन-अर्चन और दिव्य आरती संपन्न हुई। धार्मिक अनुष्ठानों के क्रम में ठाकुर जी को छप्पन भोग निवेदित किया गया। जेवनार गायन के बाद अयोध्या के संतों-महंतों को प्रसाद ग्रहण कराया गया। गुरुदेव, पूर्व सांसद महंत विश्वनाथ दास शास्त्री ने नवीन स्वरूप प्रदान किया
महंत डॉ. ममता शास्त्री ने बताया कि ठाकुर जानकी जीवन सरकार का विग्रह रामानंदाचार्य परंपरा से गौरवान्वित है, जिसे उनके गुरुदेव, पूर्व सांसद महंत विश्वनाथ दास शास्त्री ने नवीन स्वरूप प्रदान किया। उन्होंने कहा कि गुरुदेव ने श्रीराम मंदिर आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई थी और मंदिर परिसर में ही आंदोलन की रणनीतियां तैयार होती थीं। आज अयोध्या में प्रभु श्रीराम भव्य मंदिर में विराजमान हैं और प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं, इसमें गुरुदेव का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्राकट्योत्सव पर नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास, महंत शशिकांत दास, महंत मनीष दास, नंद कुमार मिश्र ‘पेड़ा’, एमबी दास, राहुल सिंह और अंजनी गर्ग सहित सैकड़ों संत-महंतों ने दर्शन-पूजन कर जेवनार में भाग लिया। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अशोक मिश्रा, विजय कुमार एवं चुलबुल ने अतिथियों का स्वागत-सत्कार किया।आयोजन ने रामनगरी की आध्यात्मिक परंपरा को पुनः जीवंत कर दिया।