जालौन के कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में मासूम रामनारायण अपनी मौसी के साथ डीएम राजेश कुमार पाण्डेय से अपनी आपबीती सुनाई। मासूम ने बताया कि उसकी मां का 2020 में निधन हो गया था। उसके पिता ने भी उसे छोड़ दिया है। वर्तमान में वह अपनी मौसी के साथ रह रहा है। उसने जिलाधिकारी से कहा कि वह पढ़-लिखकर पुलिस अधिकारी बनना चाहता है। उसकी बात सुनकर वहां मौजूद अधिकारी और अन्य लोग भावुक हो गए।
भरण-पोषण और देखभाल की समुचित व्यवस्था मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने तुरंत संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया कि बालक को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड) के तहत लाभान्वित किया जाए, ताकि उसके भरण-पोषण और देखभाल की समुचित व्यवस्था हो सके। साथ ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया गया कि रामनारायण का प्रवेश शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत किसी स्कूल में कराया जाए। उसे किताबें, यूनिफॉर्म, जूते-मोजे और अन्य जरूरी शैक्षणिक सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन हर जरूरतमंद के साथ जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन हर जरूरतमंद के साथ खड़ा है और बच्चों की शिक्षा व भविष्य को सुरक्षित करना प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि बालक को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिले। इस दौरान जनसुनवाई में आए अन्य फरियादियों की समस्याओं को भी सुना गया और अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए।