कानपुर के राजा नर्सिंग होम का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। NICU को सील कर दिया गया। वहीं, अस्पताल के डॉक्टरों पर केस दर्ज कर लिया गया है। यह कार्रवाई डीएम के आदेश पर सीएमओ ने की। CMO ने बताया कि अस्पताल में बगैर अनुमति के NICU चल रहा था। एक्सपायर अग्निशमन यंत्र मिले। सीएमओ ने बताया कि एनआईसीयू यूनिट को सील कर दिया गया है। अस्पताल को पूरी तरह बंद रखने के आदेश हैं। प्रबंधन को नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब मांगा गया है। दरअसल, रविवार को NICU के वॉर्मर मशीन में आग लग गई। इससे उसमें भर्ती एक मासूम बच्ची जिंदा जल गई। उसका पूरा शरीर जलकर काला हो गया। उसकी चमड़ी उधड़ गईं। चेहरा, छाती, पेट, जांघ बुरी तरह झुलस गया। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। तोड़फोड़ की थी। अस्पताल में क्या-क्या खामियां थीं? किसकी लापरवही से बच्ची की जान गई? अधिकारियों को जांच रिपोर्ट में क्या मिला, परिवार का क्या हाल है, ये जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ने पड़ताल की, पढ़िए रिपोर्ट…
पिता बोले- अंदर उठी चिंगारियों ने मेरी बच्ची को जला दिया बाकरगंज निवासी अरुण निषाद प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। परिवार में पत्नी बिट्टू है। अरुण निषाद ने बताया- रविवार सुबह पत्नी को लेबर पेन हुआ। उन्हें राजा हॉस्पिटल लेकर आए। डॉक्टर ने ऑपरेशन करने की बात कही। दोपहर करीब 4 बजे ऑपरेशन के बाद बिट्टू ने बेटी को जन्म दिया। बिट्टू की ये पहली संतान थी। डॉक्टरों ने पत्नी को वार्ड में शिफ्ट कर दिया। बेटी को हॉस्पिटल के NICU में भर्ती करा दिया। देर शाम NICU के वॉर्मर मशीन यानी जिस पर बच्ची लेटी थी, उसमें आग लग गई। चिंगारियों ने मेरी बच्ची को जला दिया। घटना के समय हम वहां मौजूद थे। हमने ही अस्पताल के लोगों को बताया था कि अंदर चिंगारियां उठ रही हैं। इसके बाद अस्पताल के कर्मचारी अंदर पहुंचे। मैंने पूछा मेरी बेटी कैसी है? कर्मचारियों ने कहा बेटी ठीक है। एक घंटे के बाद जब मैंने कहा मुझे देखना है तो उसके बाद में उन्होंने ने बताया बच्ची झुलस गई है। जिसके बाद मैंने विरोध किया फिर उन्होंने जले हुए बच्चे को मेरी गोद में दे दिया। चेहरा देखने की जगह मिली जली हुई लाश अरुण ने बताया कि परिवार में बच्चे के लिए हमने कई जगह मन्नत मांगी थी। क्योंकि इससे पहले एक बच्चा खराब हो गया था। उसके बाद हमारे परिवार और हम लोग जिस मंदिर जाते तो वहां भगवान से मन्नत मांगते थे। अब भगवान ने एक संतान दी लेकिन इन अस्पताल वालों ने उसका चेहरा तक नहीं देखने दिया। मेरी बच्ची जिंदा जल गई। अब मेरी अधिकारियों से मांग है, ऐसे अस्पतालों को बंद करके इन लोगों को जेल भेजना चाहिए। मासूम की बुआ ने दर्ज कराई FIR
मासूम बच्ची की बुआ रीतू ने राजा नर्सिंग होम के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है। पुलिस ने BNS 106(1) (लापरवाही से मौत) की धारा में FIR दर्ज की है। बुआ ने पुलिस को दिये हुए शिकायती पत्र में बताया हम लोग शनिवार को दोपहर 2 बजे के लगभग अपनी भाभी को लेकर राजा नर्सिंग होम में गए थे। वहां हमारी भाभी के लड़की ने जन्म लिया था। उसके बाद वहां बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई। डॉक्टर की लापरवाही के कारण बच्चे की मौत हुई है। अब पढ़िए जांच टीम को अस्पताल में क्या कमियां मिलीं अस्पताल में लगे फायर सिलेंडर मिले एक्सपायर
डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह के आदेश पर CMO डॉ. हरिदत्त नेमी ने अस्पताल की जांच कराई। जब टीम अस्पताल पहुंची तो यहां पर एक चिकित्सक डॉ. तपो ज्योति आचार्य, दो स्टाफ नर्स प्रदीप गोस्वामी और तनू गौतम तथा एक वार्ड ब्वॉय अजय मिले। पता चला कि अस्पताल पंजीकृत था। मगर NICU की अनुमति नहीं ली गई थी। इसके बाद भी अस्पताल में एनआईसीयू चल रहा था। जांच में एक्सपायर अग्निशमन यंत्र मिले। सीएमओ ने बताया कि एनआईसीयू यूनिट को सील कर दिया गया। सीएमओ ने अस्पताल को पूरी तरह बंद रखने के आदेश दिए हैं। प्रबंधन को नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब मांगा है। साथ ही बिठूर थाने में राजा नर्सिंग होम के चिकित्सकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वहीं प्रशासन ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
मासूम की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या आया, वो पढ़िए- स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की माने तो जिस समय NICU में आग लगी थी, उस वक्त मासूम बच्ची सो रही थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, सांस नली में कार्बन के कण पाए गए हैं। पहले मासूम की धुएं से दम घुटी उसके बाद उसका शरीर 90 प्रतिशत तक जल गया। इसके बाद परिवार को मासूम का जला हुआ शव सौंपा गया। पोस्टमार्टम हाउस पर मासूम बच्ची के फूफा और चाचा उसके शव को लेकर वापस बिठूर गए। देर शाम उस मासूम का अंतिम संस्कार हुआ। NICU नर्सिंग होम के मानक क्या हैं, वो पढ़िए- राजा नर्सिंग होम विवेक नाम के युवक के नाम से रजिस्टर्ड था। इस नर्सिंग होम में मेडिसन, सर्जरी और गायनी का इलाज किया सकता था। लेकिन यहां पर NICU अवैध रूप से चलता हुआ पाया गया। NICU के मानकों की बात करें तो वार्ड में एक डॉक्टर और एक स्टाफ नर्स हमेशा मौजूद रहना चाहिए। जो मरीजों का ख्याल रख सके और समय पर उनका हेल्थ चेकप करके मेडिकल हिस्ट्री तैयार करने का काम होता है। नर्सिंग होम के रजिस्ट्रेशन के समय बायो वेस्टेज, अग्निशमन यंत्रों के साथ पूरा प्लांट बनाने का मानक है। साथ ही पॉल्यूसन के लिए पूरा प्लांट बनाना होता है। रजिस्ट्रेशन के समय जिन डॉक्टर और स्टाफ नर्स के सर्टिफिकेट लगते है, वही डॉक्टर्स और स्टाफ नर्स मौजूद रहने चाहिए।