लखीमपुर जिला जेल के एक बंदी ने आत्महत्या कर ली। शुक्रवार सुबह हुई इस घटना के बाद शव का पोस्टमॉर्टम करा दिया गया। फिर शव बंदी के घरवालों को सौंप दिया गया। इसके बाद घरवालों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। आरोप था कि बंदी को 3 दिन तक अवैध हिरासत में रखा गया। पिटाई की गई। केस दर्ज न करने के लिए 5 लाख रुपए मांगे गए। सूचना पर सांसद उत्कर्ष वर्मा और पुलिस अफसर मौके पर पहुंचे। कड़ी कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजन माने। रात होने की वजह से शुक्रवार को बंदी का अंतिम संस्कार नहीं हो सका। अब शनिवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं, इस पूरी घटना के बाद एसपी संकल्प शर्मा ने शुक्रवार शाम को ही बड़ी कार्रवाई की। उन्होंने धौरहरा कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शिवाजी दुबे और तीन सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया। जेल में दाखिल होने के 10 घंटे बाद मौत
ग्राम माधवपुरवा में सुरेश वर्मा (50) रहता था। 15 अक्टूबर को हुई उसकी प्रेमिका सीमा की हत्या के आरोप में सुरेश को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मेडिकल जांच के बाद उसे गुरुवार शाम 5 बजे जिला जेल में दाखिल कराया गया। जेल प्रशासन के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 4:15 बजे सुरेश का शव जेल बैरक के शौचालय में गमछे से लटका मिला। इसके बाद सुरेश वर्मा के घरवालों ने धौरहरा पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि सुरेश को प्रेमिका की हत्या के मामले में झूठा फंसाया गया। परिजनों का आरोप है गिरफ्तारी के बाद उसे 3 दिन तक थाने में अवैध हिरासत में रखा गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं करने के बदले 5 लाख रुपए की मांग की थी। कई घंटे तक घेराव, सांसद ने कराया शांत
उधर, सुरेश की मौत का पता चलते ही घरवालों का गुस्सा फूट पड़ा। परिवार की महिलाएं और कुछ परिजन धौरहरा कोतवाली पहुंच गए। सुरेश के भाई रमेश वर्मा, उसकी पत्नी सुनीता और बेटी पल्लवी के साथ ग्रामीणों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली से कोतवाली का घेराव कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख धौरहरा के भाजपा विधायक विनोद शंकर अवस्थी और सांसद उत्कर्ष वर्मा भी पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंच गए। सुरेश के घरवाले डीएम और एसपी को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़े थे। इसके बाद कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देकर पुलिस ने घरवालों को शांत कराया। तब जाकर शव का पोस्टमॉर्टम हो सका। इसी बीच, पोस्टमॉर्टम के बाद सुरेश का शव जैसे ही गांव पहुंचा, ग्रामीणों ने फिर हंगामा कर दिया। वे लोग आरोपी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। इंस्पेक्टर और 3 सिपाही सस्पेंड
इसके बाद शाम को परिजनों के आरोपों और शुरुआती जांच के आधार पर एसपी ने धौरहरा कोतवाली प्रभारी शिवाजी दुबे समेत तीन सिपाहियों रोहित, शनि यादव और विनीत तेवतिया को सस्पेंड कर दिया। अधिकारियों ने इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। सुरेश की बेटी पल्लवी कटियार ने कहा- पापा को थाने में 3-4 दिन तक बंद रखा गया। जबकि, यहां केवल 24 घंटे ही रखा जा सकता है। क्या वजह रही होगी, यही हम कोतवाल साहब से पूछना चाहते हैं। हमें इसका जवाब चाहिए। मेरे पापा को थाने में पीछे रूम में बंद किया गया। जहां न कैमरा है और न किसी से मिलने देते हैं। पापा को थाने में बेरहमी से पीटा गया। जेल पहुंचने के समय ही उनकी हालत गंभीर थी। पापा ने फांसी नहीं लगाई, बल्कि थाने और जेल में मिली प्रताड़ना के चलते उनकी जान गई। कल होगा अंतिम संस्कार
वहीं, देर रात तक माहौल तनावपूर्ण होने और अंधेरा हो जाने के कारण शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका। अब शनिवार को सुरेश का अंतिम संस्कार किया जाएगा। ————————– ये खबर भी पढ़ें… आजम खान कैदी वाहन देख भड़के, बैठने से मना किया:बोले- राजनीतिक कैदी हूं, बोलेरो चाहिए समाजवादी पार्टी के सीनियर लीडर आजम खान शुक्रवार को रामपुर जेल के गेट पर कैदी वाहन देखकर भड़क गए। उन्होंने कैदी वाहन में बैठने और कोर्ट जाने से मना कर दिया। इससे जेल में अफरा-तफरी मच गई। आजम ने जेल के अफसरों से कहा- मैं राजनीतिक कैदी हूं, बोलेरो उपलब्ध कराइए। पढ़ें पूरी खबर…