जेवरात बनाने के बहाने बंगाली कारीगर सोना लेकर फरार:244 ग्राम सोने की बताई जा रही 39 लाख रुपए कीमत, संगठन ने जताई नाराजगी

मेरठ में सर्राफा कारोबारी का एक बंगाली कारीगर 39 लाख का सोना लेकर फरार हो गया है। यह सोना कारीगर को जेवरात बनाने के लिए दिया गया था। कारीगर पूरे परिवार के साथ फरार है और घर पर ताला लगा है। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल ने जल्द ही गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर उनके समक्ष इस मुद्दे को उठाने की बात कही है। दो तस्वीरें देखिए… आइये जानते हैं क्या है मामला
सराफा बाजार चौक में सौरभ रस्तोगी की न्यादरमल सुरेश चंद ज्वेलर्स नाम की फर्म है। वह बाजार के कुछ कारीगरों से आर्डर पर सामान तैयार कराते हैं। सौरभ ने बताया कि 3 फरवरी को उन्होंने कारीगर सुभास पॉल पुत्र चंद्रेश्वर पॉल जोकि दर्पण ओर्नामेंट नाम की फर्म चलाता है को 244 ग्राम सोना जिसकी कीमत लगभग 39 लाख रुपए है, जेवरात बनाने के लिए दिया था। कुछ दिन बाद ही वह सोना लेकर फरार हो गया। 14 फरवरी को तैयार करके देने थे जेवर
सौरभ रस्तोगी ने बताया कि 3 तारीख को जब उसे सोना दिया गया था तो तय हुआ था कि 14 फरवरी को वह जेवरात तैयार कर दे देगा। पक्की फॉर्म थी इसलिए भरोसा किया गया। 14 तारीख को जब वह जेवर लेने पहुंचे तो पाया दुकान बंद है। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि 2 दिन से दुकान बंद चल रही है। इंतजार किया लेकिन वह वापस नहीं आया। इसके बाद उन्होंने संगठन को जानकारी दी। संगठन ने पुलिस से संपर्क किया
मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल पीड़ित कारोबारी सौरभ रस्तोगी के यहां पहुंचे और पूरी जानकारी लेने के बाद देहलीगेट थाने की पुलिस को बुला लिया। पुलिस आरोपी की दुकान पर पहुंची जो कि बंद मिली। उसके मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया तो वह भी स्विच ऑफ आ रहा था। पुलिस पीड़ित सराफ से जानकारी जुटा कर लौट गई। पुलिस ने मांगा सोने से जुड़ा ब्यौरा
सराफ सौरभ रस्तोगी कुछ लोगों को लेकर देहलीगेट थाने आ गए और पुलिस को तहरीर लिख कर दी। पुलिस ने कार्रवाई शुरू की लेकिन सोने से जुड़ा ब्यौरा ना होने के कारण तहरीर लेने से इनकार कर दिया। अब संगठन समस्त कागजातों के साथ पीड़ित सराफ को लेकर शुक्रवार को देहलीगेट थाना पुलिस से मिलेगा। बंगाल में राष्ट्रपति शासन का मुद्दा उठाया
मेरठ बुलिएंट ट्रेडर्स एसोसिएशन के महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल ने नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि बंगाली कारीगर पर भरोसा करके कारोबारी अपना सोना देता है और कारीगर दगा कर फरार हो जाते हैं। FiR दर्ज करने का भी कोई लाभ नहीं मिल रहा क्योंकि यूपी पुलिस जब बंगाल में जाती है तो वहां की पुलिस सहयोग नहीं करती। उन्होंने बंगाल में राष्ट्रपति शासन की मांग की है।