झांसी में रेलवे टेक्नीशियन ने सूने घर में लगाई फांसी:तीन साल पहले मिली थी पिता की नौकरी, दूसरे घर पर थे मां और भाई

झांसी में रेलवे के टेक्नीशियन ने अपने खाली मकान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनकी मां और छोटा भाई दूसरे घर पर थे। जब बेटा घर नहीं पहुंचा तो मां ने अपने देवर को फोन किया। इसके बाद भाई घर पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था। अनहोनी की आशंका पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी, जिस पर पुलिस ने दरवाजा तोड़कर देखा तो रेलकर्मी अंदर पंखे से झूल रहा था। घटना प्रेमनगर थाना क्षेत्र के गढ़िया फाटक की है। रेलवे वर्कशॉप में कार्यरत संस्कार सिंह (22) के पिता संतोष सिंह की कोरोना इंफेक्शन चलते मौत हो गई थी। पिता की मौत के बाद तीन साल पहले संस्कार को रेलवे वर्कशॉप में टेक्नीशियन के पद पर अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। रेलवे वर्कशॉप में ही तैनात उनके चाचा राजेन्द्र सिंह परमार ने बताया कि दो साल पहले संस्कार अपनी मां और छोटे भाई के साथ गढ़िया फाटक से पांच किलोमीटर दूर नए मकान में शिफ्ट हो गया था। हालांकि वह वर्कशॉप से पुराना घर नजदीक होने के चलते दोपहर में यहीं आकर खाना खाते थे। मंगलवार को ड्यूटी से आए संस्कार ने दोपहर यहीं खाना खाया और फिर मां के घर नहीं लौटे। काफी देर हो जाने के बाद जब बेटा घर नहीं लौटा तो मां ने फोन किया। लेकिन संस्कार का फोन नहीं उठा। इस पर उन्होंने देवर राजेन्द्र को फोन किया। वह पुराने घर पहुंचे तो यहां घर का मेन दरवाजा खुला था। जब वह मकान की पहली मंजिल पर पहुंचे कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। कई बार आवाज लगाने के बाद जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो संस्कार पंखे से फांसी के फंदे पर झूल रहा था। शव को पुलिस ने उतरवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अब रेलवे टेक्नीशियन की आत्महत्या का कारण पता करने में जुटी है।