झांसी में 76 हजार वोट से जीते थे रवि शर्मा:नगर विधानसभा से SIR में कट गए 70 हजार वोटर, 2027 में होगी कांटे की टक्कर

झांसी में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR की अंतिम ड्राफ्ट लिस्ट जारी हुई तो सबसे ज़्यादा वोट झांसी नगर विधानसभा के कटे। यहां से भाजपा के सिटिंग MLA रवि शर्मा 76 हजार से ज़्यादा वोट से जीते थे। वहीं, अब SIR में 70 हजार से ज़्यादा वोट कट जाने के बाद राजनीतिक गलियारे में चर्चा भी तेज हो गई है कि कहीं ये मार्जन भाजपा के लिए नुकसानदेह न हो। हालांकि, चुनावी प्रक्रिया में कई दशक का अनुभव रखने वाले रिटायर्ड असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर रज्जाक खान ऐसा नहीं मानते। दूसरी तरफ पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेसी नेता ने एक बार फिर से SIR प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। बता दें कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन में झांसी जिले के 2,19,612 वोटर्स के नाम कटे हैं। इनमें मृतकों की संख्या 37,758 है। बाकी वह लोग जिनका डेटा नहीं मिला या वह जिस पते पर दर्ज थे, अब वहां नहीं रहते हैं। जिले की चार विधानसभा में काटे गए इन वोटर्स की संख्या में आधी संख्या अकेले झांसी नगर विधानसभा की है। ऐसे में ऐसे में माना जा रहा है कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में वर्तमान सत्ताधारी दल भाजपा और विपक्षी खेमे के प्रत्याशी में कांटे की टक्कर होगी। हालांकि, अभी ये स्थिति स्पष्ट नहीं है कि जिन वोटर्स के नाम कटे हैं, वह किस विचारधारा के झुकाव वाले मतदाता हैं। इसको लेकर दैनिक भास्कर की टीम ने रिटायर्ड असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर रज्जाक खान से बात की। उन्होंने इसको लेकर कहा कि राजनीतिक दलों के अपने आकलन होते हैं। लेकिन ये जरूरी नहीं कि वह जिन वोटर्स को ये मान रहे हों कि वह उनका वोटर है तो वह उन्हें ही वोट दें। हर मतदाता का अपना अधिकार है और वह मतदान करने से पहले सभी बातों को ध्यान में रखते हैं। 2022 में ये था जीत का मार्जिन, SIR में चार विधानसभा से कटे इतने वोटर गरौठा विधानसभा से भाजपा के जवाहर राजपूत को 33,662 वोट से जीत मिली थी। उन्हें कुल 1,13,652 वोट मिले थे। जबकि, समाजवादी पार्टी के दीपनारायण सिंह यादव को 80047 वोट मिले थे। SIR में 19,139 वोट कटे हैं। बबीना विधानसभा से भाजपा के राजीव सिंह पारीछा 44,529 वोट से जीते थे, जबकि उन्हें कुल वोट 1,18,343 वोट मिले थे। वहीं, सपा के यशपाल सिंह यादव को 73814 वोट मिले थे। SIR में 24,244 वोट कटे हैं। मऊरानीपुर विधानसभा से अपना दल (एस) की प्रत्याशी डॉक्टर रश्मि आर्य ने 58,595 वोट से जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 1,43,577 वोट मिले थे। जबकि समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी तिलक चंद्र अहिरवार को यहां से 84,982 वोट मिले थे। SIR में 20,391 वोट कटे हैं। झांसी नगर विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी के रवि शर्मा 76,353 वोट से जीते। उन्हें कुल 1,48,262 वोट मिले थे, जबकि समाजवादी पार्टी के सीताराम कुशवाहा को 71909 वोट ही मिल सके थे। SIR में 70,686 वोट कटे हैं। पढ़िए असिस्टेंट इलेक्शन ऑफिसर ने क्या कहा… सवाल- वोटर्स के नाम कटने से किसी दल को फायदा या नुकसान होगा ? जवाब- देखिए चुनाव आयोग किसी राजनीतिक दल के लिए काम नहीं करता। उसकी जवाबदेही न केंद्र के प्रति है और न राज्य के प्रति। आयोग किसी के फायदे नुकसान के लिए काम नहीं करता। SIR का उद्देश्य केवल वोटर्स को उसका अधिकार देना है। ताकि वह अपने अधिकार का वह स्वतंत्र होकर इस्तेमाल कर सके। सवाल- इतनी बड़ी संख्या में परमानेंट शिफ्ट वोटर भी मिले हैं, ऐसा कैसे हो सकता है? जवाब – बुंदेलखंड पिछड़े इलाकों में शामिल है। सभी को तो नौकरी नहीं मिलती। लोग यहां से काम करने दूसरे राज्यों में चले गए हैं। लेकिन वहां जाकर न उन्होंने अपना नाम दर्ज कराया और न ही यहां से हटाया। जब बीएलओ उनके घर गए तो वह नहीं मिले। यही लोग कई डुप्लीकेट वोटर भी हो जाते हैं। सवाल- वोटर्स के नाम कटने से क्या किसी प्रत्याशी की जीत का मार्जन कम हो सकता है? जवाब – झांसी में कभी 70 प्रतिशत मतदान नहीं हुआ। तो जाहिर बात है कि सभी मतदाता तो वोट करते नहीं हैं। ये बात स्वाभाविक है कि वोटर्स कम होने से मतदान के प्रतिशत में कमी जरूर आएगी। किसी पार्टी को वोटर्स के नाम कटने से लाभ मिलेगा ये केवल धारणा है। सवाल- विपक्ष SIR को लेकर अक्सर सवाल खड़े करता रहा है, इस पर आप क्या कहेंगे? जवाब – SIR पहली बार तो नहीं हुआ। चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को ये मौका भी दिया कि वह अपने BLA चुनाव आयोग के प्रतिनिधि BLO के साथ लगकर मतदाताओं के नाम लिस्ट में जुड़वाएं। अगर उन्हें लगता है कि उनकी विचारधारा के वोटर्स के नाम काटे गए हैं तो अब भी वह नाम जुड़वा सकते हैं।