झांसी स्टेशन पर कड़ाके की सर्दी में यात्री ट्रेनों का घंटों से इंतजार कर रहे हैं। लेकिन उनकी ट्रेंन लेट होती जा रही हैं। जो यात्री झांसी के रहने वाले हैं, वह अपने घर लौट गए। पर बाहर से झांसी स्टेशन पहुंचे लोगों के लिए ट्रेन का इंतजार भारी पड़ रहा है। वहीं, वेटिंग रूम में भी पैर रखने की जगह नहीं बची है। ऐसे में यात्री बार-बार 139 पर कॉल कर अपनी ट्रेन की सही स्थिति जानने में जुटे हैं। दो तस्वीरों में देखें झांसी स्टेशन की स्थिति… बता दें कि पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तर भारत में कड़ाके की सर्दी के साथ ही धुंध भी बढ़ी है। ऐसे में सड़क मार्ग से लेकर रेल यातायात भी बे पटरी हो गया है। इसका असर झांसी के वीरांगना लक्ष्मीबाई स्टेशन पर भी देखने को मिल रहा है। यहां पूर्व और उत्तर भारत की ओर से आने वालीं ट्रेनें छह-छह घंटे की देरी से आ रही हैं। ऐसे में यात्रियों को इन ट्रेनों का इंतजार करना भी भारी हो रहा है। सीमित जगह होने के चलते यात्री सर्दी से बचने के जतन कर रहे हैं। कोई दीवार के सहारे दुबक कर बैठा है तो कोई सर्दी से बचने के लिए अपने कंबल और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहा है। वहीं, फर्स्ट क्लास वेटिंग रूम की बात करें तो यहां छमता से ज़्यादा यात्री ठहरे हुए हैं। यहां वंदे भारत, शताब्दी एक्सप्रेस और राजधानी जैसी ट्रेनों में सफर करने वालों का इंतजार काटे नही कट रहा है। ये ट्रेनें भी लेट हजरत निजामुद्दीन-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस, मुम्बई राजधानी, भोपाल शताब्दी समेत केरला, गोवा, उत्तर प्रदेश संपर्क क्रांति, अमृतसर-मुंबई, तेलंगाना, बेंगलुरु राजधानी समेत दिल्ली और लखनऊ की तरफ से झांसी आने वालीं लगभग सभी ट्रेनें लेट चल रही हैं। इसको लेकर मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने कहा कि रेल और यात्री सुरक्षा को देखते हुए ट्रेनों का सुरक्षित संचालन किया जा रहा है। ट्रेनों को सुरक्षित रफ्तार पर चलाने के चलते यात्रियों को कुछ समय के लिए असुविधा हो सकती है।