झूलों के बीच योजनाओं की प्रदर्शनी से बदल रहा मैनपुरी:100 साल का मेला, अब ‘ज्ञान और जागरूकता’ का भी बन रहा मंच

मैनपुरी के ऐतिहासिक श्रीदेवी मेला एवं ग्राम सुधार प्रदर्शनी नुमाइश का बुधवार को शुभारंभ हुआ। लगभग 100 साल पुराने इस मेले को अब ‘स्मार्ट और सुरक्षित मेला’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें आधुनिक व्यवस्थाओं और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। भोगांव विधायक रामनरेश अग्निहोत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी अंजनी कुमार और पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत वीर स्तंभ पर पुष्प अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। उद्घाटन के बाद अधिकारियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों और प्रदर्शनियों का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य, मत्स्य, अग्निशमन, पंचायती राज और लघु उद्योग जैसे विभागों ने अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया। अधिकारियों ने प्रत्येक स्टॉल पर जाकर जानकारी ली और औपचारिक शुरुआत की। अधिकारियों के अनुसार, यह मेला वर्ष 1925 से लगातार आयोजित हो रहा है और इस वर्ष इसके 100 साल पूरे हो गए हैं। इसी कारण इसे अधिक आकर्षक और आधुनिक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। आने वाले दिनों में प्रदर्शनी में छोटे मॉडल और नवाचार भी शामिल किए जाएंगे, जिससे आगंतुकों को जानकारी और सीखने का अवसर मिल सके। इस वर्ष मेले में सुरक्षा व्यवस्था को विशेष प्राथमिकता दी गई है। पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और पुलिस की कड़ी निगरानी रहेगी। आगंतुकों की सुविधा के लिए पार्किंग की भी बेहतर व्यवस्था की गई है। प्रशासन का कहना है कि एक महीने तक चलने वाले इस मेले में परंपरा, मनोरंजन और आधुनिक सुविधाओं का संतुलन देखने को मिलेगा। यह आयोजन बाहरी जिलों से आने वाले लोगों के लिए मनोरंजन के साथ-साथ जानकारी और अनुभव का भी केंद्र बनेगा।