अलीगढ़ में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने बुधवार को टीईटी अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन किया। तस्वीर महल चौराहे पर एसएसपी कार्यालय के पास शिक्षकों ने केंद्रीय राज्य शिक्षा मंत्री जयंत चौधरी का पुतला दहन कर नारेबाजी की। अचानक हुए प्रदर्शन से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, शिक्षक पुतला फूंक चुके थे और मंत्री के बयान की प्रतियां जलाकर विरोध जता चुके थे। प्रदर्शन का नेतृत्व संघ के जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह और जिला मंत्री राजेंद्र सिंह अत्री ने किया। मुकेश कुमार सिंह ने कहा कि वर्ष 2011 से पहले शिक्षकों की नियुक्ति में टीईटी अनिवार्य नहीं थी। ऐसे में अब इसे पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर लागू करना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले संघ के पदाधिकारी दिल्ली में मंत्री जयंत चौधरी के आवास पर ज्ञापन देने गए थे। हले दिया भरोसा, अब सख्त बयान
संघ पदाधिकारियों के मुताबिक, उस दौरान मंत्री ने शिक्षकों के पक्ष में होने का आश्वासन दिया था। आरोप है कि हाल ही में उन्होंने नया बयान दिया है, जिसमें कहा गया कि यदि 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षक 1 सितंबर 2027 तक टीईटी पास नहीं करेंगे तो उन्हें सेवा से बाहर कर दिया जाएगा। इस बयान से प्रदेशभर के शिक्षकों में आक्रोश है। जेल भरो आंदोलन की चेतावनी
शिक्षकों का कहना है कि 50–55 वर्ष की आयु में दोबारा टीईटी परीक्षा देना व्यवहारिक नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो जिला से लेकर प्रदेश स्तर तक आंदोलन तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो जेल भरो आंदोलन भी किया जाएगा। प्रदर्शन में मंडलीय मंत्री राजेश कटारा, संरक्षक राधेश्याम शर्मा, हरेंद्र सिंह, मुगीसुर रहमान, मुकेश शर्मा, हरिकेश शर्मा, नीरज सिंह, गोपाल गुप्ता, ललित चौधरी, संजय वर्मा, बिल्लू सिंह, उमेश चंद वर्मा, अमित चौहान, प्रमोद कुमार, किशन शर्मा, जितेंद्र सिंह, जुगल किशोर, वीरेश कुमार, प्रज्ञवीर सिंह, ओमदत्त गौतम, राजीव सिंह, सुरभि राज पवार, ताहिरा, पूनम शर्मा, पूनम सिंह और फरजाना सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।