टेंडर पाने के लिए बनाया फर्जी अनुभव प्रमाण-पत्र:फर्म संचालक ने दर्ज कराई रिपोर्ट, टेंडर पाने को लगाया धोखे से बनाया अनुभव प्रमाण-पत्र

मेरठ में सरकारी ठेका पाने के लिए एक फर्म का फर्जी अनुभव प्रमाण-पत्र तैयार कर लिया गया। इसका खुलासा होते ही फर्म मालिक ने शिकायत कर दी। मामले में जांच कराई गई। आरोप सही पाए जाने के बाद टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया। फर्म की तरफ से सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। आइए जानते हैं क्या है मामला
अक्टूबर, 2024 में बृजघाट गढ़मुक्तेश्वर हापुड़ में गंग नहर संचालक मंडल ने फ्लोटिंग बैरिकेट्स एवं फ्लोटिंग जेटी के टेंडर निकले गए। टेंडर खोले गए तो बसंत एंटरप्राइजेज सूरजकुंड रोड मेरठ को वह टेंडर मिल गया। यह फर्म पहले दूसरी फर्म के काम किया करती थी। इसे टेंडर मिलने पर दूसरी फर्म ने शिकायत की। विभाग की तरफ से जांच कराई तो पता चला की टेंडर लेने वाली फर्म ने बड़ी फर्म का फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाया हुआ है। शिकायत पर निरस्त किया गया टेंडर
जिस फर्म का अनुभव प्रमाण पत्र लगाया गया था वह फर्म प्रीति बिल्डकन प्राइवेट लिमिटेड मेरठ थी जिसके डायरेक्टर जोगिंदर सिंह हैं। जोगिंदर सिंह ने उनका फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाने वाली फर्म बसंत एंटरप्राइजेज सूरजकुंड रोड मेरठ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का प्रयास किया लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। उन्होंने इसकी एसएसपी से शिकायत की इसके बाद एसएसपी ने मुकदमे के आदेश कर दिए। जोगेंद्र का काम करती थी बसंत एंटरप्राइजेज
जोगेंद्र सिंह ने एसएसपी को बताया कि उनकी फर्म सरकारी टेंडर लेती रही है। बसंत एंटरप्राइजेज उनके लिए काम करती थी और वाराणसी समेत कई निर्माण कार्यों में भी काम किया था। जांच में आरोप सही मिलने पर टेंडर निरस्त हुआ और वापस उनकी कंपनी को दिया गया। फर्जी दस्तावेज तैयार करना गैरकानूनी है। जिस कारण उन्होंने मुकदमा दर्ज कराया। ऐसे किया गया प्रमाण पत्र का फर्जीवाड़ा
जोगिंदर सिंह ने बताया कि टेंडर लेने के लिए बसंत एंटरप्राइजेज ने जो अनुभव प्रमाण पत्र लगाया गया था वह उन्होंने हापुड़ में लगाया था। यह प्रमाण पत्र उन्हें स्मार्ट सिटी वाराणसी के चीफ जनरल मैनेजर डी वासुदेवन ने जारी किया था। नोटरी से प्रमाणित कराए थे एग्रीमेंट बसंत इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर वीरेंद्र गुप्ता ने दो सबलेट फर्जी एग्रीमेंट तैयार कराए हैं। इन्हें नोटरी से प्रमाणित भी कराया गया। सिर्फ 500-500 रुपए के स्टांप पेपर पर 78 करोड रुपए के निर्माण टेंडर के एग्रीमेंट दिखाए गए हैं, जिसमें उनके फर्जी हस्ताक्षर हैं।