डीएम ने प्रधान को हटाया, दो अधिकारी निलंबित:गोतस्करी मामले में कार्रवाई, तीन को भेजा जा चुका है जेल

मिर्जापुर में गौ-तस्करी मामले में जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने बड़ी कार्रवाई की है। लालगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत धोबहा देवघटा सोनवर्षा के ग्राम प्रधान श्याम बहादुर पटेल को पद से हटा दिया गया है। मामले में प्रधान श्याम बहादुर को शुक्रवार को जेल भेजा जा चुका है। वह विधायक पल्लवी पटेल की पार्टी अपना दल (कमेरावादी) का जिलाध्यक्ष भी है। लापरवाही और कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर शिथिलता पाए जाने पर ग्राम पंचायत अधिकारी कृष्ण लाल और राजकीय पशु सेवा केंद्र, लहगंपुर के पशुधन प्रसार अधिकारी जगदम्बा प्रसाद सिंह को निलंबित कर दिया गया है। जिलाधिकारी के आदेश पर हुई जांच में इन्हें दोषी पाया गया था। ग्राम पंचायत के विकास कार्यों पर असर न पड़े, इसके लिए जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी लालगंज महेंद्र सिंह को निर्देश दिए हैं। उन्हें ग्राम सभा की बैठक आयोजित कर निर्वाचित सदस्यों में से किसी एक को अस्थायी ग्राम प्रधान का प्रभार शीघ्र सौंपने को कहा गया है, ताकि पंचायत के कार्य सुचारू रूप से जारी रह सकें। प्रशासनिक जांच में निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल उरूवा सोनवर्षा, लालगंज में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच के दौरान अभिलेखों में दर्ज गोवंशों की संख्या और आश्रय स्थल पर मौजूद गोवंशों की संख्या में स्पष्ट अंतर पाया गया। इसके अतिरिक्त, आश्रय स्थल पर रखे गए सभी गोवंशों की टैगिंग भी नहीं की गई थी। शासकीय कार्यों में अरुचि और दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही भी प्रमाणित हुई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गोवंश संरक्षण जैसे संवेदनशील विषय में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पूरे मामले की लगातार निगरानी की जा रही है। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।