डॉ.अमित देवगन बने अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति:3 साल के लिए तैनाती, राजभवन से जारी हुआ आदेश

लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी के नए कुलपति की तैनाती कर कर दी गई है। नॉर्दर्न कमांड स्थिति चिकित्सा मुख्यालय के मेजर जनरल डॉ.अमित देवगन को नया कुलपति बनाया गया है। यह नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से तीन वर्षों के लिए दी गई है। बुधवार को उत्तरप्रदेश की राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की मुहर के बाद उनके OSD की तरफ से तैनाती का आदेश जारी कर दिया गया। अगस्त 2025 में हुए रिटायर, ऑपेरशन सिंदूर में दिया योगदान AFMC पुणे से डॉ.अमित देवगन ने पीडियाट्रिक्स में मेडिकल पीजी की डिग्री हासिल की है। 36 साल की सेवा के बाद मेजर जनरल डॉ.अमित देवगन अगस्त 2025 में रिटायर हुए। उन्होंने ऑपेरशन सिंदूर के दौरान भी देश को अपनी सेवाएं दी। 19 जनवरी को 4 लोगों का हुआ था साक्षात्कार इससे पहले सोमवार को देश के चार अलग-अलग संस्थानों के डॉक्टरों के राजभवन में साक्षात्कार हुए थे। बीते करीब छह महीने से अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी के लिए नए कुलपति की तलाश चल रही थी। देश भर के लिए 32 डॉक्टरों ने कुलपति पद के लिए आवेदन किया था। इनमें से पहले 12 फिर 18 आवेदक डॉक्टरों को शार्टलिस्ट किया गया था। दो बार कुलपति पद के लिए साक्षात्कार की तारीखें घोषित की गईं। फिर तीसरी बार 13 जनवरी को तारीख घोषित की गई। 15 डॉक्टरों का साक्षात्कार हुआ। सात सदस्यीय कमेटी ने चार नामों को राजभवन भेजा। इसके बाद सोमवार को चार डॉक्टरों को राजभवन में साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। इसमें एक चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय से संबद्ध सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के डॉक्टर, भोपाल, नागपुर एम्स और दिल्ली के डॉक्टर शामिल थे। लंबे समय तक प्रशासनिक पद पर रहे डॉ.संजीव अब तक अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी के डॉ. संजीव मिश्र थे। उनका कार्यकाल छह महीने पहले खत्म हो गया था। लेकिन बाद में कार्यकाल बढ़ा दिया गया। डॉ. संजीव मिश्र केजीएमयू में सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग से हैं। करीब 10 साल जोधपुर एम्स के निर्देशक पद की जिम्मेदारी संभाली। फिर साढ़े तीन साल से अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति हैं। बेपटरी थी व्यवस्था अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी का मकसद प्रदेश भर के नर्सिंग, पैरामेडिकल और मेडिकल कॉलेजों को संबद्धता देना है। इन सभी कॉलेजों में एक समय में दाखिला, परीक्षा हो। उनके परिणाम घोषित किए जाएं। ताकि मेडिकल संस्थानों में एकरूपता लाई जा सके। सत्र की गाड़ी पटरी पर लाई जा सके। पर, कई सेमेस्टर की परीक्षाएं लेटलतीफी की शिकार हो चुकी हैं। अभी तक यूनिवर्सिटी में एक भी नियमित स्टाफ नहीं है। पूरी व्यवस्था संविदा, आउटसोर्सिंग पर है। ऑपरेशन सिंदूर में दिया योगदान AFMC पुणे से डॉ.अमित देवगन ने पीडियाट्रिक्स में मेडिकल पीजी की डिग्री हासिल की है। 36 साल की सेवा के बाद मेजर जनरल डॉ.अमित देवगन अगस्त 2025 में रिटायर हुए। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी देश को अपनी सेवाएं दीं।