थाने में खड़ी लेम्बोर्गिनी को अभी भी VIP ट्रीटमेंट:थाने में 12 दिन से खड़ी सीज कार भी चमचमा रही, कल होगी कोर्ट में सुनवाई

कानपुर के चर्चित लेम्बोर्गिनी केस में 12 दिन बीत गए हैं। मौजूदा समय में आखिर जांच कहां तक पहुंची…? गाड़ी थाने से कब रिलीज होगी…? आखिर इसका टेक्निकल मुआयना हुआ या नहीं। इन सभी तथ्यों की जांच पड़ताल के लिए दैनिक भास्कर की टीम ग्वालटोली थाने पहुंची तो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। अभी भी थाने में सीज लेम्बोर्गिनी कार को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। थानेदार की जीप हो या थाने में सीज अन्य गाड़ियां सभी धूल से पटी मिलीं, लेकिन लेम्बोर्गिनी चमचमाती मिली। पढ़ें दैनिक भास्कर की रिपोर्ट… लेम्बोर्गिनी के दस्तावेजों की जांच करने दिल्ली पहुंचे विवेचक कानपुर के वीआईपी रोड पर 8 फरवरी को फर्राटा भर रही लेम्बोर्गिनी कार ने कइयों को उड़ा दिया था। इसके बाद से कार थाने में सीज है। कार मालिक तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम को पुलिस ने 12 फरवरी की सुबह अरेस्ट करके कोर्ट में पेश किया था। लेकिन जमानतीय धाराओं में अपराध के चलते 7 घंटे में कोर्ट से छोड़ दिया था। इस केस की जांच ग्वालटोली थाने में तैनात दरोगा दिनेश कुमार कर रहे हैं। कोर्ट ने इस केस में सुनवाई अब 20 फरवरी को होगी। 12 दिन बाद चमचमा रही लेम्बोर्गिनी, नहीं जमी धूल थाने में खड़ी लेम्बोर्गिनी कार सीज होने के 12 दिन बाद भी एकदम चमचमाते मिली, जबकि अन्य सीज गाड़ियों पर धूल की परत जमी थी। इतना ही नहीं थानेदार की जीप भी धूल से पटी थी। थाने में तैनात एक महिला पुलिस कर्मी ने बताया कि कार को साफ सफाई करने के लिए कोई कर्मचारी आता है। इतना ही नहीं इसकी निगरानी के लिए भी मालिक ने एक व्यक्ति को थाने में लगा रखा है। इस वजह से सीज होने के 10 दिन बाद भी यह चमचमा रही है। हांलाकि इस दौरान थाने पर कोई व्यक्ति निगरानी व सफाई करने वाला मौजूद नहीं मिला। मामले की जांच कर रहे विवेचक ने बताया कि कोर्ट की सुनवाई 20 फरवरी को होनी है। उसके दस्तावेजों की जांच करने के लिए वह दिल्ली में हैं। इस तरह के हर मामलों में दस्तावेजों का वेरीफिकेशन भी जरूरी होता है। इस वजह से वह इसकी जांच करने के लिए दिल्ली आरटीओ ऑफिस गए हैं। उन्होंने बताया कि कार का टेक्निकल मुआयना हो चुका है। अब इन सभी दस्तावेजों के साथ अपनी प्रगति रिपोर्ट सुनवाई के दौरान कोर्ट में रखेंगे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि वह इस केस में चार्जशीट की ओर उनकी जांच जा रही है। जल्द ही केस में वह चार्जशीट दाखिल करेंगे। अब आपको बताते हैं क्या था पूरा मामला
ग्वालटोली थाना क्षेत्र के वीआईपी रोड पर फर्राटा भर रही लग्जरी रेसिंग कार लेम्बोर्गिनी ने बीती 8 फरवरी को कइयों को उड़ा दिया था। मामले में पुलिस ने कार नंबर के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी। जांच में सामने आया था कि तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा का बेटा शिवम मिश्रा कार चला रहा था। पुलिस ने एफआईआर में शिवम मिश्रा को आरोपी मानते हुए नाम बढ़ाया था। जमानतीय धाराओं में एफआईआर होने के चलते कोर्ट ने भी सुनवाई के बाद अरेस्टिंग के 8 घंटे के भीतर ही छोड़ दिया था। कार को थाने में वीआईपी ट्रीटमेंट मिलने के चलते और केस में लापरवाही बरतने पर थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया था।
……………… ये खबर भी पढ़ें- कानपुर लेम्बोर्गिनी कांड-अरबपति का बेटा 7 घंटे में छूटा:रिमांड की वजह नहीं बता पाई पुलिस, घटना के 4 दिन बाद गिरफ्तार किया था कानपुर में तेज रफ्तार लेम्बोर्गिनी से 6 लोगों को टक्कर मारने वाले अरबपति कारोबारी का बेटा 7 घंटे में ही रिहा हो गया। आरोपी के वकील अनंत शर्मा ने बताया- पुलिस ने कोर्ट में 14 दिन की रिमांड मांगी थी। जज ने पूछा कि रिमांड क्यों चाहिए, जबकि सारी धाराएं जमानती हैं? इस पर इन्वेस्टिगेशन अफसर कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए। इसके चलते कोर्ट ने रिमांड की अर्जी खारिज कर दी। फिर 20 हजार रुपए का बेल बॉन्ड भरने के बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया। पढ़ें पूरी खबर