‘दबदबा रहेगा कहने वाले को औकात पता चल जाएगी’:बृजभूषण सिंह को सपा नेता का चैलेंज, कहा- मां का दूध पिया हो तो…

बलरामपुर में सपा नेता रमाकांत दुबे ने भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को चुनौती दी है। रमाकांत ने बृजभूषण सिंह का नाम लिए बगैर कहा- दबदबा था, दबदबा रहेगा कहने वाले ने अगर मां का दूध पिया है तो देवीपाटन मंडल की किसी भी विधानसभा सीट से निर्दलीय लड़कर दिखाएं। औकात पता चल जाएगी। रमाकांत ने पूर्व सांसद को वह दौर भी याद दिलाया, जब वे भाजपा से नाराज होकर सपा में शामिल हुए थे। सपा नेता ने कहा- जब सपा की सरकार थी, भाजपा छोड़कर सपा में आए थे। तब तुम्हारी इज्जत समाजवादी पार्टी ने बचाई थी। तुमको जिताया था। आज तुम फिर वापस चले गए हो और संदेश दे रहे हो कि “दबदबा था, दबदबा रहेगा।” रमाकांत ने ये बातें 13 नवंबर को सुहेलदेव सम्मान स्वाभिमान पार्टी की महारैली के दौरान कहीं। वीडियो गुरुवार को सामने आया। सपा नेता की चुनौती पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा- मैं ऐसे लोगों के बयान पर कोई भी जवाब नहीं देना चाहता। दरअसल, 21 दिसंबर 2023 को भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष पद पर संजय सिंह उर्फ बबलू ने जीत हासिल की थी। संजय सिंह, बृजभूषण सिंह के खास हैं। संजय जब जीते तो वे बृजभूषण सिंह से मिलने उनके दिल्ली वाले आवास पर पहुंचे थे। तब बृजभूषण सिंह ने कहा था- दबदबा है, दबदबा रहेगा। उस वक्त महिला पहलवानों के साथ यौन शोषण का मुद्दा चल रहा था। सपा सरकार बनी तो देश छोड़ कर भाग जाएंगे
रमाकांत दुबे ने कहा- आप लोग सही आदमी को टिकट दिलाइए तो इनका दबदबा, दुबदबा गायब हो जाएगा। जिस दिन आपके और अखिलेश यादव के गठबंधन की सरकार बनेगी, उस दिन या तो यह नेपाल में मिलेंगे या देश छोड़कर भाग जाएंगे। नेता संघर्षों से पैदा होता है, हार जीत से नहीं। टिकट मिलने और न मिलने से कोई मतलब नहीं। लेकिन जो लीडर होता है, अगर गरीबों पर अत्याचार होता है तो वह अपने लहू से सींचने के काम करेगा। रमाकांत ने शायरी भी पढ़ी- फानूस बनकर जिसकी हिफाजत हवा करे, वो शमा क्या बुझे जिसे रौशन खुदा करे।
गरीबों का बेटा बलिदान होता है
रमाकांत ने कहा- यह लोग गरीबों और लाचारों को धमकाने और डराने को दबदबा बताएंगे। आप लोग जब तक निर्भीक नहीं होंगे, अपनी हिफाजत खुद नहीं करेंगे, अपने अधिकार और अपने वोट का प्रयोग नहीं करोगे। जब तक आप इनसे दूर नहीं रहोगे। तब-तक आपके बच्चे आजाद नहीं होंगे और न आप आजाद होंगे। गरीबों का बेटा फौज में जाता है। जिसके पास दीवार है, छत नहीं है, उनका बेटा फौज में बलिदान होता है।
कौन हैं रमाकांत दुबे? रमाकांत दुबे रेहरा बाज़ार क्षेत्र के अधीनपुर गांव के निवासी हैं। वे बलरामपुर सदर विधानसभा सीट से टिकट के दावेदार रह चुके हैं। उनकी बहू शिल्पाराज अनुसूचित जाति समुदाय से हैं, जबकि वे स्वयं ब्राह्मण समुदाय से आते हैं। दुबे वर्ष 2005 में निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य भी रह चुके हैं और ग्राम प्रधानी का चुनाव भी लड़ चुके हैं। ………………………………… ये खबर पढ़ें… वकील का सांसद जैसा भौकाल, 250 गाड़ियों से निकाला जुलूस, नेताओं की तरह हाथ हिलाता रहा, यूपी बार काउंसिल चुनाव में शक्ति प्रदर्शन; VIDEO यूपी बार काउंसिल चुनाव का नामांकन चल रहा है। वकीलों का शहर कहलाने वाले प्रयागराज में अधिवक्ताओं का जलवा हर रोज देखने को मिल रहा है। हर कोई अपनी ताकत और भौकाल दिखा रहा है। कोई लग्जरी कारों के काफिले से अपनी ताकत दिखा रहा है तो कोई खुली कार से लोगों का अभिवादन स्वीकार कर रहा है। पढ़ें पूरी खबर…