उत्तर प्रदेश दरोगा भर्ती परीक्षा के पहले दिन अवसरवादी को परिभाषित करने के लिए पूछे गए विवादित सवाल पर लोग आक्रोशित हैं। इसी क्रम में वाराणसी न्यायालय में समाजवादी पार्टी से जुड़े अधिवक्ताओं ने जमकर विरोध किया और इसे लाखों मेधावी छात्रों का अपमान बताया। पुतला दहन के लिए पुतला लेकर निकले अधिवक्ताओं से वाराणसी के कैंट थाने की पुलिस से तीखी नोकझोक हुई। जिसके बाद पुलिस ने पुतला छीन लिया और जलाने नहीं दिया। लेकिन अधिवक्ताओं ने जिला मुख्यालय पर जमकर नारेबाजी की और इसपर सरकार को माफी मांगने की मांग उठाई है। देखिए विरोध से जुडी तस्वीरें … यूपी पुलिस में पूछे गए सवाल से पहुंची ठेस वकीलों का नेतृत्व कर रहे समाजवादी अधिवक्ता सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष अलोक सौरभ पांडेय ने बताया – उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित दारोगा भर्ती प्रक्रिया में पूछे गए एक कथित विवादित सवाल को लेकर प्रदेश के युवाओं और छात्र संगठनों में आक्रोश गहराता जा रहा है। समाजवादी अधिवक्ता सभा के नेतृत्व में दर्जनों अधिवक्ता कचहरी परिसर में एकत्रित हुए और पुलिस भर्ती बोर्ड के खिलाफ नारेबाजी की। अधिवक्ताओं का आरोप है कि परीक्षा में पूछे गए सवाल न केवल जातिगत टिप्पणियों से प्रेरित थे, बल्कि नैतिक आधार पर भी पूरी तरह गलत हैं, जिससे युवाओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है। पुतला छीन कर पुलिस ले गई अपने साथ प्रदर्शनकारी जब भर्ती बोर्ड का पुतला फूंकने आगे बढ़े, तो वहां पहले से मुस्तैद एसीपी कैंट और एसएचओ कैंट ने भारी पुलिस बल के साथ उन्हें रोक लिया। इस दौरान पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक हुई। अंततः पुलिसकर्मियों ने अधिवक्ताओं के हाथों से पुतला छीन लिया और दहन की कोशिश को विफल कर दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे समाजवादी अधिवक्ता सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक सौरभ पांडेय ने कहा कि भर्ती बोर्ड द्वारा इस तरह के विवादित सवाल पूछना प्रदेश के लाखों मेधावी छात्रों का अपमान है। उन्होंने मांग की कि इस कृत्य के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।