सोनभद्र में करीब साढ़े 11 साल पुराने दलित महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट की अदालत ने दोषियों पर जुर्माना भी लगाया है।
सोनभद्र में साढ़े 11 साल पुराने दलित महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अदालत ने तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। आबिद शमीम की अदालत ने बुधवार को यह फैसला सुनाते हुए तीनों दोषियों पर 60-60 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, करमा थाना क्षेत्र की एक दलित महिला ने एसीजेएम कोर्ट में धारा 156(3) सीआरपीसी के तहत प्रार्थना पत्र दिया था। पीड़िता के मुताबिक, 22 जुलाई 2014 को उसके पति के साथ काम करने वाले नंदलाल और कांग्रेस, एक अन्य व्यक्ति विनय सिंह के साथ मैजिक वाहन से उसके घर पहुंचे। उन्होंने महिला से कहा कि उसके पति दुर्घटना में घायल हो गए हैं और उन्हें करमा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। साथ ही इलाज के लिए कुछ पैसे लेकर चलने को कहा। महिला उनकी बातों पर विश्वास कर घर में रखे 8 हजार रुपए लेकर उनके साथ चली गई। महिला का आरोप है कि आरोपियों ने उसे अस्पताल ले जाने के बजाय एक विद्यालय में पहुंचा दिया। विरोध करने पर उन्होंने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की और तीनों ने बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपियों ने शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी और महिला को वहीं छोड़कर फरार हो गए। पीड़िता ने तुरंत करमा थाने में सूचना दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने सोनभद्र पुलिस अधीक्षक को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजी, लेकिन वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में कोर्ट के आदेश पर 5 सितंबर 2014 को तीनों आरोपियों नंदलाल, कांग्रेस और विनय सिंह के खिलाफ दुष्कर्म, लूट और एससी/एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की विवेचना क्षेत्राधिकारी द्वारा की गई और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्क, छह गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद तीनों आरोपियों को दोषी पाया। इसके बाद अदालत ने तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए 60-60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि जुर्माना न देने की स्थिति में दोषियों को छह-छह महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं, वसूल की गई जुर्माने की राशि में से 90 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे।