सहारनपुर में दहेज हत्या के एक पुराने मामले में कोर्ट ने दोषी पति को कठोर सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) कक्ष संख्या-03 की कोर्ट ने सुनवाई पूरी होने के बाद आरोपी को 9 साल के कठोर कारावास और 60 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में तीन अन्य आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-03 ने पत्रावली पर आए साक्ष्यों और गवाहों की गवाही के आधार पर सजा सुनाई है। ये मामला थाना सरसावा क्षेत्र का है। एडीजीसी दीपक सैनी ने बताया कि 15 अक्टूबर 2018 को रामपुर मनिहारान थाना क्षेत्र के नई नंगली उर्फ माजरी निवासी एतेश्याम ने पुलिस को तहरीर दी थी। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि उसकी बेटी नाजिस की शादी इब्राहिमपुरा गांव निवासी जुनैद के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग उससे अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहे थे और इस बात को लेकर नाजिस को प्रताड़ित किया जाता था। दीपक सैनी ने बताया कि शिकायत में कहा गया था कि 15 अक्टूबर 2018 को दहेज की मांग को लेकर विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने नाजिस का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस ने जुनैद, उसके पिता मोहम्मद इस्लाम, मां इसराना और भाई कुमेश के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, दहेज हत्या और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। उन्होंने बताया कि मामले की जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। इसके बाद ये मुकदमा सत्र न्यायालय में विचाराधीन रहा। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत में अपना पक्ष रखा। एडीजीसी दीपक सैनी ने बताया कि कोर्ट में पेश किए गए सबूतों और गवाहों के बयान के आधार पर कोर्ट ने आरोपी जुनैद को दोषी माना। कोर्ट ने उसे दहेज हत्या और अन्य संबंधित धाराओं में 9 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 60 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। उन्होंने बताया कि मामले में नामजद अन्य तीन आरोपियों मोहम्मद इस्लाम, इसराना और कुमेश को साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया।