दो बच्चों की हत्या कर पिता फंदे पर लटका:महराजगंज में दीवार पर लिखा- पत्नी-उसका आशिक जिम्मेदार; महिला SSB में नौकरी करती है

महराजगंज में सशस्त्र सीमा बल (SSB) की महिलाकर्मी के पति ने मासूम बेटा-बेटी की हत्या कर आत्महत्या कर ली। उसने दोनों बच्चों को खिड़की से रस्सी के सहारे लटकाया। फिर छत के कुंडे से फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। मौत से पहले पति ने कमरे की दीवार पर सुसाइड नोट लिखा- ‘हमारी मौत का कारण मेरी पत्नी और उसका आशिक सोनू गौतम है। मेरे साथ रहते हुए भी वह सोनू से बात करती है। बच्चों को अपने से दूर नहीं कर सकता हूं।’ वारदात रविवार सुबह 7 बजे की है। जब पति ने बच्चों की हत्या की, तो उनकी चीख निकली। चीख सुनकर नीचे के फ्लोर में रहने वाले किराएदारों को शक हुआ। उन्होंने आवाज लगाई, तो कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। फिर वो लोग ऊपर देखने आए। दरवाजा खटखटाया, तो नहीं खुला। फिर उन्होंने महिला जवान को फोन किया। वह उस वक्त ड्यूटी पर थी। थोड़ी देर में महिला जवान घर आई। दरवाजा खटखटाया, लेकिन नहीं खुला। इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर का सीन देखकर सभी सन्न रह गए। खिड़की के सहारे 4 साल के बेटे और 3 साल की बेटी की लाश टंगी थी। जबकि, पति का शव कमरे में कुंड से लटका था। सूचना पर पुलिस और एसएसबी के जवान भी मौके पर पहुंचे। नौतनवा में नेपाल बॉर्डर पर ड्यूटी के चलते महिला जवान परिवार के साथ किराए पर गांधी नगर इलाके में रहती थी। पति घर पर ही रहता था, वह कोई काम नहीं करता था। परिवार मूलरूप से गाजीपुर के सैदपुर का रहने वाला है। तस्वीरें देखिए… किराएदार को चीख-पुकार सुनाई दी
नौतनवा में 66वीं वाहिनी SSB में वंदना भारती (35) फोर्थ क्लास में तैनात है। उसकी साल-2019 में अमरेश (40) से शादी हुई थी। वंदना शादी के पहले से ही नौकरी कर रही है। वह एक साल पहले यहां आई थी, इससे पहले उसकी झारखंड में पोस्टिंग थी। वंदना यहां पति के अलावा बेटा अमरेंद्र कुमार (4) और बेटी कंचन (3) के साथ किराए के मकान की पहली मंजिल पर रहती थी। शनिवार शाम वंदना ड्यूटी पर चली गई थी। फिर रविवार तड़के आई और घर का काम-काज निपटाने के बाद वापस ड्यूटी पर चली गई। सुबह करीब 7 बजे मकान में नीचे रहने वाले किराएदार को चीख-पुकार सुनाई दी। जब वह ऊपर गया, तो वंदना के कमरे का गेट अंदर से बंद था। इसके बाद उसने वंदना को कॉल की। बच्चे खिड़की और पति पंखे के कुंडे से लटकता मिला
वंदना ड्यूटी छोड़कर कमरे पर आई। दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी, तो नजारा देखकर सन्न रह गई। वह बेटा-बेटी और पति की लाश देखकर बेहोश हो गई। वंदना का पूरा परिवार खत्म हो गया। थोड़ी देर बाद जब होश में आई, तो फर्श पर लेटकर हाथ-पैर मारते हुए रोने लगी। बच्चों के शवों से लिपटकर रोते हुए फिर बेहोश हो गई। पढ़िए दीवार पर अमरेश ने क्या लिखा- मेरे साथ रहकर भी वंदना, सोनू को कॉल करती है। बोलती है कि तुम मेरा कुछ नहीं कर सकते। मैं अपने बच्चों को दूर नहीं कर सकता। हमारी मौत का कारण मेरी पत्नी वंदना कुमारी (SSB), उसका आशिक सोनू गौतम, वंदना के पिता रामअवतार, मां चंदा देवी, भाई नवीन कुमार, उसकी पत्नी सुनीता देवी और अमरनाथ हैं। ये लोग पैसे के लिए मेरी पत्नी को अपने घर बुलाते हैं। पत्नी हर महीने 5000 रुपए देती है। इनका आशिक सोनू गौतम ये भी पैसे लेता है। सोनू की वजह से आज पूरा परिवार खत्म हो गया। सुसाइड से पहले अमरीश ने वीडियो बनाकर साले को भेजा, पढ़िए उसमें क्या कहा? पत्नी मेरे शव को न छुए, उसने मुझे बर्बाद कर दिया
मैं अमरीश ठाकुर, पूरे होशो-हवास में यह बयान जारी कर रहा हूं। हमारी मौत का कारण कोई और नहीं, मेरी पत्नी और उसके मायके वाले हैं। मेरी पत्नी वंदना कुमारी (एसएसबी 66वीं बटालियन) है। मेरी पत्नी अक्सर कहती है कि कैंप में ले जाकर तुम्हें डंडों से पिटवा देंगे। तुम्हारे घरवालों को भी उठवा देंगे। वह कहती थी कि मुझे तलाक दे दो, नहीं तो तुम्हें बर्बाद कर दूंगी। हमारे 2 बच्चे हैं, इसलिए मैं उन्हें छोड़कर तलाक कैसे दे सकता था? वह मुझे बेरोजगार कहकर अपमानित करती थी। अगर मैं बेरोजगार था, तो शादी क्यों की? यह सब शादी से पहले क्यों नहीं देखा? आज मुझे इस कदर बदनाम और बर्बाद कर दिया कि मैं कुछ भी करने की स्थिति में नहीं हूं। मैं सभी से कहना चाहता हूं कि कोई भी बेरोजगार व्यक्ति नौकरी करने वाली महिला से शादी करने से पहले बहुत सोच-समझ ले। करीब 7 महीने पहले, जुलाई से मेरी पत्नी सोनू गौतम नाम के व्यक्ति से बात करती थी। वह कहती थी कि वह उसी से शादी करेगी। दोनों के बीच संबंध थे। मैंने उसकी बहुत गलतियां छिपाईं, किसी से कुछ नहीं कहा। आदमी अपनी परेशानी किससे कहे? दुनिया में कानून भी ज्यादातर महिलाओं के पक्ष में ही बनते हैं। पुरुषों की बात कोई नहीं सुनता। मैं अपने घरवालों को भी अपनी परेशानी नहीं बता पा रहा हूं। बहुत तकलीफ होती है। अब मैं पूरी तरह मजबूर हो चुका हूं। मेरी एक आखिरी इच्छा है कि मेरे मरने के बाद पत्नी मेरे शरीर को न छुए। अगर संभव हो तो मेरा शव मेरे घरवालों को सौंप दिया जाए। पति-पत्नी के पिता आपस में दोस्त थे, इसलिए शादी हुई
अमरीश के पिता स्वर्गीय मन्नू राम सैदपुर के मिर्जापुर गांव के रहने वाले थे। वह सैदपुर तहसील में अमीन के पद पर कार्यरत थे। इसी तहसील में वंदना के पिता भी अमीन थे। वह गाजीपुर के महमूदपुर गांव के रहने वाले थे। साथ काम करने की वजह से दोनों में दोस्ती थी। अपनी दोस्ती को रिश्तेदारी में बदलने के लिए दोनों उन्होंने अमरीश और वंदना की शादी तय कर दी। इसी दौरान वंदना को सीमा सुरक्षा बल में नौकरी मिल गई। इसके बाद साल- 2019 में अमरीश और वंदना की शादी हो गई। रिश्तेदारों के अनुसार, शादी के कुछ महीने बाद से ही पति-पत्नी में अनबन होने लगी थी। परिवारवालों और रिश्तेदारों के साथ कई बार बातचीत कर अमरीश और वंदना के रिश्ते सुधारने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। 10 दिन पहले ही महराजगंज लौटा था अमरीश
अमरीश की 3 बहनें बंदना, अर्चना और अंजना हैं। 14 फरवरी को सबसे छोटी बहन अंजना की शादी थी। शादी में शामिल होने के लिए अमरीश बच्चों के साथ अपने घर सैदपुर आया था। उसकी पत्नी साथ नहीं आई थी। 10 दिन पहले ही वह पत्नी के पास नौतनवा लौटा था। वहीं, जिस सोनू के चक्कर में अमरीश ने पूरी वारदात को अंजाम दिया, वह 3 भाइयों अश्वनी कुमार और शशिकांत में सबसे छोटा था। बड़ा भाई पिता के मरने के बाद उनकी जगह सैदपुर तहसील में अमीन के पद पर नौकरी करता है। दूसरा भाई शशिकांत इलाहाबाद में इंटर कॉलेज में टीचर की नौकरी के लिए तैयारी कर रहा है। एएसपी सिद्धार्थ ने बताया- अमरेश ने मरने से पहले एक वीडियो बनाकर अपने साले को भी भेजा था। पारिवारिक कलह वारदात की वजह बताई जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ——————— ये खबर भी पढ़ेंः- इटावा में जीजा ने साली की हत्या की, होली पर भागकर शादी की थी; थाने पहुंचकर बोला- लाश घर पर पड़ी है, उठा लो इटावा में 35 साल के जीजा ने 18 साल की साली की हत्या कर दी। 4 दिन पहले होली के दिन वह साली को घर से भगाकर दिल्ली ले गया था। वहां एक मंदिर में शादी की। शनिवार सुबह वह दिल्ली से अपने घर पहुंचा। रात में उसका साली सुनैना से विवाद हो गया। गुस्से में ईंट मार-मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद खून से सना ईंट लेकर थाने पहुंचा। पुलिसवालों से बोला- मैंने हत्या कर दी। लाश घर पर पड़ी है। उठा लो। पढ़ें पूरी खबर…