लखीमपुर-खीरी में गैंगरेप के एक मामले में अज्ञात आरोपी का सुराग न मिलने पर अदालत ने पुलिस विवेचना पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने विवेचक को अज्ञात आरोपी की पहचान कर आरोपपत्र दाखिल करने या सहआरोपी महिला पर लगी गैंगरेप की धारा हटाने का निर्देश दिया है। इस मामले में पीड़िता ने एसपी से शिकायत की है, जिसके बाद एसपी ने जांच बिठाई है। यह मामला सदर कोतवाली क्षेत्र की काशीराम आवास कॉलोनी से जुड़ा है। आरोपी महिला के अधिवक्ता राजीव पाण्डेय ने बताया कि 13 दिसंबर 2022 को एक महिला ने दूसरी महिला के खिलाफ धारा 386 आईपीसी (रंगदारी) और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने एक अज्ञात युवक को भी शामिल करते हुए मुकदमे में गैंगरेप की धारा बढ़ा दी। इसके बाद वर्ष 2023 में आरोपी महिला के खिलाफ गैंगरेप सहित सभी धाराओं में आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया गया, जबकि अज्ञात आरोपी की तलाश जारी रखी गई। लंबे समय तक जांच के बाद भी अज्ञात आरोपी का पता न चलने पर विवेचक ने विवेचना बंद करते हुए सप्लीमेंट्री केस डायरी अदालत में पेश कर दी। इस पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि विवेचना अधूरी नहीं छोड़ी जा सकती। कोर्ट ने निर्देश दिया कि या तो अज्ञात आरोपी की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाए, अन्यथा पहले से दाखिल आरोपपत्र में से गैंगरेप की धारा हटाई जाए। इस लंबे समय से लंबित मामले में पीड़िता ने पूरे प्रकरण को लेकर एसपी से शिकायत की है। एसपी ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है और पूरे मामले की जांच सीओ सिटी को सौंप दी गई है।