धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पदयात्रा वृंदावन पहुंच चुकी है। 10 दिन में 170 किमी की पदयात्रा में 3 बार धीरेंद्र शास्त्री की तबीयत बिगड़ी। वो कहते हैं- राम काज कीन्हें बिनु मोहि कहां विश्राम…। मुझ पर 20 घंटे काम करने का साइड इफेक्ट दिखता है। दिल्ली ब्लॉस्ट पर वो कहते हैं- इस्लामिक भाइयों से कहना चाहता हूं कि उन्हें शिक्षा नीति में बदलाव करने की जरूरत है, ताकि कोई डॉक्टर आतंकवादी न निकले। हमारी हिंदू संस्कृति के लिए महापुरुषों ने बलिदान दिया। हम न रुकेंगे, न डरेंगे, न पीछे हटेंगे। हिंदू एकता से आतंकवादी बौखलाए हुए हैं। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी शादी से लेकर अगली पदयात्रा तक पर खुलकर बात की।पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल- पदयात्रा में कई बार आपकी तबीयत खराब हुई, लेकिन आप रुके नहीं?
जवाब- मेरी तबीयत ठीक है। तन का अपना धर्म है, वो निभा रहा है। तन जरूर कमजोर है, मगर दिल मजबूत है। हमारी तबीयत से ज्यादा हिंदुओं की तबीयत खराब है। उनकी तबीयत ठीक करने के लिए अगर हमारी तबीयत खराब होती है, तो होती रहे…। हिंदुओं की तबीयत ठीक करेंगे। इस देश को एक करने के लिए जुटे रहेंगे। हटेंगे नहीं, डटे रहेंगे। जब तक प्राण न चले जाएं, मेरा तन-मन हिंदू, मेरा परिचय हिंदू, मेरी रग-रग हिंदू। सवाल- 170 किमी लंबी यात्रा से आप जो चाहते थे, वो नतीजे मिले?
जवाब- लक्ष्य मिल रहा है या नहीं, ये समय बताएगा। देखिए, कोई भी आंदोलन या आंदोलित होने वाली क्रांति क्षण में प्रभावी नहीं होती। कुछ दिन बाद पता चलेगा कि कितना ठीक रहा था, क्योंकि अभी तो सब जगह शोर-शराबा है। अभी तो चर्चा होगी, फिर विमर्श होंगे। फिर विरोध भी होंगे, इसके बाद ही कुछ दिखेगा। सवाल- आपने कहा है कि दिल्ली जैसा धमाका हर गली-मोहल्ले में होगा? इसका क्या मतलब है?
जवाब- मायने बहुत सीधे हैं। जिस देश में डॉक्टर जैसे गरिमा वाले पद पर रहने वाला व्यक्ति अगर आतंकी संगठन से जुड़ा हुआ है, तो निश्चित रूप से इस देश का भविष्य खतरे में हैं। मजहबी कट्टरपंथी भाइयों को ये बात समझने की जरूरत है। हम सभी इस्लामिक भाइयों से अपील करना चाहते हैं कि आपको अपनी शिक्षा नीति में सुधार करना चाहिए। जिससे कोई डॉक्टर आतंकवादी न निकले। सवाल- आपने ये भी कहा, कुछ लोग हमारी यात्रा पर गलत दृष्टि रखे हैं। ये लोग कौन हैं?
जवाब- इसमें कोई संदेह नहीं कि हमारी संस्कृति के लिए महापुरुषों ने बलिदान दिया। अगर हमारा बलिदान होगा, तो हम न रुकेंगे। न डरेंगे, न पीछे हटेंगे। सवाल- आपकी यात्रा के वक्त दिल्ली ब्लास्ट हुआ, कहीं ये आपको संदेश देने की कोशिश तो नहीं थी?
जवाब- कहीं न कहीं बौखलाहट तो थी, जो नजर आया। बाकी सरकार और इंटेलिजेंस बेहतर बताएंगे। सुरक्षा बढ़ाई गई, गतिविधियां बढ़ाई गईं। इतना तो साफ है कि वो हिंदू एकता देखकर बौखला गए हैं। इससे हम रुकने वाले नहीं। वो बम फोड़ने पर भरोसा करते हैं, हम नारियल फोड़ने पर भरोसा करते हैं। सवाल- आप शुरू से हिंदुओं को एक करने पर जोर दे रहे। इसकी जरूरत क्यों पड़ रही?
जवाब- ये जरूरत इसलिए भी पड़ी है, क्योंकि जब इस्लामिक कंट्री एक हो सकती हैं, तो हिंदू भी एक हो सकते हैं। हिंदू राज्य में हिंदू ही अल्पसंख्यक हो गए हैं, इसलिए भी इसकी जरूरत पड़ी है। आज हिंदू समाज जाति व्यवस्था और क्षेत्रवाद और भाषावाद में बंटा है। कहीं संस्कृति न नष्ट हो जाए, इसलिए भी जरूरत पड़ गई। कहीं हिंदुओं की संस्तुति न खतरे में पड़ जाए, इसके लिए यही सही समय है। सवाल- आप हिंदू कट्टरवाद की बात करते हैं। इससे देश में क्या मुस्लिम कट्टरवाद नहीं बढ़ेगा?
जवाब- हिंदू कट्टरवाद और मजहबी कट्टरवाद में जमीन आसमान का अंतर है। हमारी कट्टरता में अहिंसा परमो धर्म और वसुधैव कुटुंबकम् पर काम करते हैं। तलवारों की लड़ाई पर भरोसा नहीं करते, विचारों की लड़ाई पर भरोसा करते हैं। इसलिए हमारी कट्टरवाद और दूसरों के कट्टरवाद में बहुत अंतर है। सवाल- आपकी यात्रा से हिंदुओं का ध्रुवीकरण होता है। आरोप लगता है कि इसका फायदा BJP को होता है?
जवाब- ये बेतुकी बात है, इस पदयात्रा से ही संविधान बचेगा। जब हिंदू एक होगा, तब ही देश बचेगा। इसके बाद ही संविधान बचेगा। जब देश ही नहीं बचेगा, तो संविधान कैसे बचेगा। जो इस्लामिक कंट्री हैं, वहां संविधान थोड़े माना जाता है। सवाल- आपने कथा में कहा था कि जब आपके दिन अच्छे नहीं थे, तब एक मुस्लिम दोस्त ने मदद की। अब आप हिंदू मुस्लिम की बात करते हैं?
जवाब- हमारे कई अनुयायियों में मुस्लिम धर्म को मानने वाले भी हैं। हमारी पदयात्रा का मुस्लिमों ने स्वागत किया। मुझे एक मूवी के बारे में बताया गया, वो थी अमर, अकबर, एंथोनी। इसमें दिखाते हैं कि अमर मंदिर में पूजा करने जाता है, अकबर मस्जिद में नमाज अदा करता है। एंथोनी चर्च में प्रेयर करता है। मगर मूवी का एंड बहुत जबरदस्त था। आखिर में सबका बाप कन्हैया निकलता है। देखिए, इस देश में कन्वर्टेड मुस्लिम हैं, उनके लिए बहुत अच्छा मौका है। सवाल- आपको अंदाजा था कि बिहार में BJP को इतनी बड़ी जीत मिलेगी?
जवाब- हमने कभी राजनीतिक बयान नहीं दिए, न टिप्पणी की है। हम सिर्फ राष्ट्रवाद की बातें करते हैं। राष्ट्रवाद और सनातन के लिए काम करने वाली पार्टियां जीतती रहें, यही भगवान से प्रार्थना करते हैं। हमने सुना है कि वहां पर जाति के नाम पर बांटने का प्रयास किया गया। लेकिन, आखिर में बांटने की कोशिश नाकाम हुई। जातियों से ऊपर उठकर लोगों ने खुद ही वोट किया। सवाल- यमुना शुद्धिकरण को कितना बड़ा मुद्दा मानते हैं?
जवाब- इसमें यमुना के किनारे रहने वाले लोगों को जागरूक रहना होगा। हमने सुना है कि सरकार भी नदी के शुद्धिकरण के लिए काम कर रही है। सवाल- BJP ने पहले कहा कि दिल्ली में हमारी सरकार नहीं, अब उनकी सरकार है। इस पर आपका क्या मत है?
जवाब- मुझे भी लगता है कि इससे बेहतर समय नहीं हो सकता है। चारों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को एक टेबल पर बैठकर ऐसे निर्णय लेने चाहिए कि इतने साल, इतने महीने में हम अपने राज्य की शुद्ध कर लेंगे। आप अपने राज्य की करिए। 1 साल के अंदर पूरी नदी स्वच्छ हो जाएगी। सवाल- क्या हिंदू राष्ट्र की मांग करके आप संविधान में बदलाव चाहते हैं?
जवाब- बिल्कुल भी नहीं, लोगों के दिलों में हिंदू राष्ट्र बन जाए, कागजों में तो अपने आप बन जाएगा। लोग जब सही पदों पर बैठेंगे, तो अपने आप परिवर्तन कर देंगे। सवाल- आपने तो हिंदू गांव भी बसाने के लिए कहा था, यह प्लान कहां तक पहुंचा?
जवाब- हमने लोगों से कहा था कि जमीन हमारी है, आप आइए और बस जाइए। कोई धंधा नहीं करना है। सवाल- हिंदू राष्ट्र घोषित होने के बाद लोगों की जिंदगी क्या आसान हो जाएगी?
जवाब- तो दुर्लभ भी नहीं होगी। सवाल- राम मंदिर की तरह आप श्रीकृष्ण जन्मभूमि के लिए संकल्प दिलवा रहे?
जवाब- तीन मंदिर, हमारे अधिकार हैं- काशी, अयोध्या और मथुरा। 16 नवंबर को संत-साधुओं के साथ विचार करेंगे। अभी कोर्ट के लिए ठहरे हुए हैं। ये बात तो तय है कि मंदिर वहीं बनना है। सवाल- आपके अनुयायी जानना चाहते हैं कि आप शादी कब करेंगे?
जवाब- बिल्कुल करेंगे। सवाल- आप जिससे शादी करेंगे, वो क्या वह घरेलू महिला होगी?
जवाब- (मुस्कुराते हुए) जब हम शादी करेंगे, तो गृहस्थ ही होंगे। सवाल- 2024 में मध्यप्रदेश में पदयात्रा की, 2025 में दिल्ली, हरियाणा और यूपी में आए, आगे किन राज्यों में प्लान है?
जवाब- पदयात्रा 3.0 होगी, बिल्कुल होगी, मगर कहां होगी, ये 16 नवंबर के बाद ही तय कर पाएंगे। हम भारत के नागरिक हैं, हमें कहीं भी जाने की स्वतंत्रता है। सवाल- हम 24 घंटे आपके साथ पदयात्रा में हैं। अब 20 घंटे सड़क पर चलते हैं, शरीर को आराम नहीं दे रहे?
जवाब- रामायण में लिखा है- राम काज कीन्हें बिनु मोहि कहां विश्राम। आराम करते तो हैं, मगर उतना नहीं कर पाते, जितना शरीर को चाहिए। उसका साइड इफेक्ट भी दिखाई पड़ते हैं, आगे से थोड़ा सुधार करेंगे। आगे बढ़ने से पहले इस पोल पर अपनी राय दीजिए… ——————————- यह खबर भी पढ़ें – धीरेंद्र शास्त्री बोले- देश बाबर का नहीं, राम का, गद्दारी करने वाले सुन लें बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन एकता पदयात्रा का आज नौवां दिन है। जया किशोरी यात्रा में शामिल हुईं। यात्रा में वह धीरेंद्र शास्त्री के आगे चलती दिखाई दीं। पढ़िए पूरी खबर…