धीरेंद्र शास्त्री वृंदावन में संतों को गले लगाकर रोए, VIDEO:हिंदू राष्ट्र के लिए दिलाए 5 संकल्प; जगद्गुरु बोले- तीसरी यात्रा कश्मीर तक

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन एकता पदयात्रा 2.0 का रविवार को समापन हो गया। धीरेंद्र शास्त्री ने वृंदावन में बांके बिहारी के दर्शन कर अपनी यात्रा पूरी की। इससे पहले जब पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने ब्रज भूमि में प्रवेश किया तो उन्होंने संतों के साथ दंडवत होकर प्रणाम किया। सभी संतों ने ब्रज रज अपने मथे पर लगाई और एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी। यह क्षण इतना भावुक था कि बागेश्वर महाराज की आंखों से खुशी के आंसू निकल आए। पदयात्रा में साथ चल रहे बद्रीनाथ वाले महाराज बालक योगेश्वर दास और अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास भी भावुक दिखाई दिए। धीरेंद्र शास्त्री बोले- हर हिंदू जाग्रत हो बांके बिहारी मंदिर पहुंचने से पहले चार धाम के पास सनातन सभा हुई। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदू राष्ट्र के निर्माण को लेकर संदेश दिया। उन्होंने देशभर के हिंदू समाज से 5 संकल्प लेने की अपील की, जिनके माध्यम से सनातन संस्कृति को मजबूत आधार देने की बात कही। शास्त्री ने कहा कि समय की आवश्यकता है कि हर हिंदू जाग्रत होकर धर्म और राष्ट्र के प्रति अपनी भूमिका निभाए। ये पांच संकल्प- 1. जुड़ो और जोड़ो: हर व्यक्ति 5 परिवारों को कट्टर एवं जागरूक हिंदू बनाने का संकल्प लें, ताकि सामाजिक और धार्मिक एकता को मजबूती मिले। 2. भगवा अभियान: हर घर पर भगवा धर्म ध्वज लगाने की अपील की। इसे उन्होंने गौरव और पहचान का प्रतीक बताया। 3. साधु-संतों का मंडल: साधु-संत समाज की धुरी हैं, इसलिए उन्हें एक मंच पर लाया जाए। उनके मार्गदर्शन में समाज को संगठित किया जाए। 4. घर वापसी अभियान: बिछड़े हुए सनातनियों को वापस धर्म में जोड़ने के अभियान को बढ़ावा देने की अपील करते हुए इसे सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अहम कदम बताया। 5. मांस-मदिरा पर प्रतिबंध: देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों पर मांस और मदिरा की बिक्री व सेवन पर प्रतिबंध लागू करने की मांग उठाई। जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा- प्रत्येक हिन्दू को थोड़ी-थोड़ी संस्कृत जरूर आनी चाहिए। मैं चित्रकूट में 26 मार्च से ऑनलाइन संस्कृत पढ़ाऊंगा।प्रत्येक हिन्दू कन्या अब झांसी की रानी बनेगी। अब आज से ही दिल्ली से कश्मीर यात्रा की तैयारी शुरू कर दीजिए। सभा में पुंडरीक महाराज, इंद्रेश उपाध्याय, देवकीनंदन ठाकुर सहित बड़ी संख्या में संत महात्मा मंच पर मौजूद थे। शास्त्री ने सभी संतों का आशीर्वाद लिया और पट्टिका पहनाकर उनका सम्मान किया। इससे पहले पदयात्रा में मध्यप्रदेश के CM मोहन यादव भी शामिल हुए। उन्होंने दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे पर बैठकर धीरेंद्र शास्त्री के साथ सब्जी-पूड़ी खाई। यात्रा में 5 किमी तक भीड़ ही भीड़ नजर आई। इस दौरान लोगों ने बुलडोजर से फूल बरसाए। धीरेंद्र शास्त्री यात्रा में भीड़ देखकर भावुक हो गए। उन्होंने कहा- कोई बिहार तो कोई महाराष्ट्र से घर छोड़कर आया है। एक बालक की मां वेंटिलेटर पर है, लेकिन फिर भी वह आया। इस बात ने मेरे हृदय को क्षीण-क्षीण कर दिया। कभी सोचा नहीं था कि हनुमान जी ऐसी यात्रा करवा देंगे। यह देश बाबर का नहीं, रघुवर का है। शनिवार देर रात गायक बी प्राक, जुबिन नौटियाल और स्वाति मिश्रा भी पहुंचे थे। जुबिन नौटियाल धीरेंद्र शास्त्री का हाथ पकड़कर चलते नजर आए। तीनों गायकों ने भजन गाए। इसके अलावा, काशी से आए ब्राह्मणों ने आरती की। गुरुवार को दिल्ली और हरियाणा से होते हुए यात्रा मथुरा बॉर्डर के रास्ते यूपी में दाखिल हुई थी। गौरतलब है कि यह पदयात्रा दिल्ली के छतरपुर स्थित आद्या कात्यायनी मंदिर (छत्रपुर मंदिर) से 7 नवंबर को शुरू हुई थी। इस यात्रा ने दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से होकर लगभग 145 से 170 किलोमीटर की दूरी तय की। पदयात्रा की तस्वीरें देखिए-
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