नगर निगम में सफाई कर्मियों का प्रदर्शन:जोन-4 में सफाई व्यवस्था को निजी हाथों में देने का विरोध, कैंपस में घूमकर नारेबाजी की

कानपुर में सफाई व्यवस्था निजी हाथों में दिए जाने के विरोध में कर्मचारियों ने जमकर प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में सफाई कर्मचारी नगर निगम पहुंचे और नारेबाजी की। पूरे कैंपस में घूम-घूमकर उन्होंने निजी कारण का विरोध किया। नगर निगम ने जोन-4 की सफाई व्यवस्था निजी हाथों में देने के लिए टेंडर उठाया है। कर्मचारियों ने इसी टेंडर का जमकर विरोध किया और मेयर के नाम ज्ञापन देकर इसे रोकने की मांग की। मेयर प्रमिला पांडेय कानपुर में नहीं थी, इसलिए उनके प्रतिनिधि के रूप में पार्षद दल के नेता नवीन पंडित ने कर्मचारियों का ज्ञापन लिया। निगम ने जोन-4 के लिए निकाले हैं टेंडर
कर्मचारियों ने बताया कि शहर में सफाई कर्मचारी लगातार काम कर रहे हैं। सफाई व्यवस्था भी बेहतर चल रही है, इसके बाद भी नगर निगम ने जोन-4 में सफाई के लिए टेंडर निकाल दिया है। इससे कर्मचारियों का नुकसान होगा। इसी से नाराज कर्मचारी नगर निगम पहुंचे थे और बाहर से ही उन्होंने नारेबाजी करनी शुरू कर दी। नगर निगम के अंदर लगभग दो घंटे तक हंगामा और नारेबाजी चलती रही। कर्मचारी अपने साथ ज्ञापन लेकर आए थे, जिसे लेने के बाद उन्हें आश्वासन दिया गया कि उनकी मांगों पर जरूरी कार्रवाई करते हुए उन्हें राहत दी जाएगी। नगर निगम में घूम-घूमकर की नारेबाजी
निजीकरण का विरोध करने आए कर्मचारियों ने कैंपस के अंदर घूम-घूमकर नारेबाजी की। पहले कर्मचारियों ने बाहर जोरदार प्रदर्शन किया, इसके बाद वह नगर निगम की पूरी बिल्डिंग में घूमते रहे और नारेबाजी करते हुए इस टेंडर का विरोध करते रहे। कर्मचारियों का यह प्रदर्शन चर्चा का विषय बना रहा। कर्मचारियों का कहना था कि अगर उनकी मांगों को न माना गया तो वह आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम और यहां के प्रशासन की होगी। इसलिए व्यवस्थाओं को निजी हाथों में बिल्कुल न सौंपा जाए।