नवजात का शव गत्ते में रखकर अस्पताल स्टाफ भागा:कुशीनगर में डिलीवरी के बाद मां की भी मौत, घरवालों के हंगामे पर अस्पताल सील

कुशीनगर के खुशी हॉस्पिटल में डिलीवरी के बाद मां और नवजात बच्ची की मौत हो गई। इससे डरकर संचालक और स्टॉफ ने हॉस्पिटल बंद कर दिया। नवजात का शव गत्ते में बंद कर जनरेटर के ऊपर रखकर भाग गए। इसके बाद गुस्साए घरवालों ने हॉस्पिटल के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही एसडीएम, एसीएमओ समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने अस्पताल का ताला तोड़कर ऑपरेशन थिएटर और अन्य कमरों की जांच की। इसके बाद हॉस्पिटल को सील कर दिया। मामला नौरंगिया थाना क्षेत्र का है। अब मामला विस्तार से… मठिया बुजुर्ग गांव में दीनदयाल यादव (28) पिता शंभु यादव (50), पत्नी (25) नीतू और बहन रुचि (20) के साथ रहते थे। दीनदयाल की मां की मौत पहले ही हो चुकी है। दीनदयाल और उनके पिता मजदूरी करते हैं। 9 मार्च को रुचि की शादी थी। दरवाजे पर बारात आ गई थी। सभी शादी के कार्यक्रमों में जुटे थे। इस बीच रात 10 बजे नीतू को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। दीनदयाल अपने रिश्तेदारों के साथ नीतू को CHC ले गए। वहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताकर नीतू को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घरवाले नीतू को जिला अस्पताल ले जाने की जगह कोटवा के खुशी अस्पताल में भर्ती करा दिया। अस्पताल संचालक राजू श्रीवास्तव ने 10 हजार रुपए लेकर खुद नीतू का प्रसव कराया। नीतू ने एक बच्ची को जन्म दिया। इसके कुछ देर बाद ही नीतू और बच्ची की हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद बच्ची को ICU में रख दिया गया। रात करीब 3 बजे संचालक ने नीतू की बिगड़ती हालत देखकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां पहुंचने पर नीतू को मृत घोषित कर दिया गया। 4 घंटे में हॉस्पिटल का ताला तोड़ा
मंगलवार सुबह 7 बजे घरवाले बच्ची को देखने के लिए खुशी हॉस्पिटल पहुंचे, तो अस्पताल बंद मिला। अस्पताल के बाहर जनरेटर पर एक गत्ते में बच्ची का शव मिला। यह देखकर घरवाले आक्रोशित हो गए, उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। गांववाले भी अस्पताल आ गए और घरवालों के साथ प्रदर्शन में शामिल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर डीएम महेंद्र सिंह तंवर के निर्देश पर खड्डा एसडीएम रामबीर सिंह, एडिशनल सीएमओ आरडी गुप्ता, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रजनीश श्रीवास्तव और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद अस्पताल का ताला तोड़कर ऑपरेशन थिएटर समेत अन्य कमरों की जांच की गई। टीम ने मौके से सीसीटीवी के डीवीआर को कब्जे में लेकर अस्पताल को सील कर दिया। भाभी-भतीजी की मौत के बाद ननद ने विदाई से किया इनकार
उधर, भाभी और नवजात भतीजी की मौत की खबर सुनते ही दुल्हन रुचि खुद को संभाल नहीं सकी। वह फूट-फूट कर रोने लगी, बार-बार बेहोश होने लगी। घर की महिलाएं उसे संभालने की कोशिश करती रहीं। सदमे में डूबी रुचि ने ससुराल जाने से इनकार कर दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद घरवाले मां-बेटी के शव लेकर नौरंगिया पहुंचे और सड़क जाम करने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझा-बुझाकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद स्थिति शांत हुई। नीतू के पति दीनदयाल यादव की शिकायत पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। एसडीएम रामबीर सिंह और एडिशनल सीएमओ आरडी गुप्ता ने बताया कि अस्पताल को सील कर दिया गया है। शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। नीतू के परिवार के बृजेश यादव ने बताया कि शिकायत दोपहर में ही नेबुआ नौरंगिया पुलिस को दे दी गई थी। लेकिन, अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव घर लाए गए हैं। उन्हें बर्फ की सहायता से सुरक्षित रखा गया है। अगर पुलिस सुबह तक मुकदमा दर्ज कर एफआईआर की कॉपी दे देती है, तभी अंतिम संस्कार किया जाएगा।

————————– यह खबर भी पढ़े जिस दुकान की बर्फ जीभ से चाटी, उसमें धमाका, बगल की दुकान भी जली, लखनऊ में लोग बोले- किसी ने फूंक दिया लखनऊ के जानकीपुरम में गन्ने के रस की एक दुकान में तेज धमाके के साथ आग लग गई। इस दुकान का एक वीडियो सामने आया था जिसमें एक बच्चा दुकान में रखी बर्फ को जीभ से चाटता दिखाई दे रहा था। चर्चा है कि इसी वजह से किसी ने दुकान में आग लगा दी। (पूरी खबर पढ़िए)