नवयुग कन्या महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की चारों इकाइयों की ओर से सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन हो गया है। शिविर का अंतिम दिन ऐशबाग स्थित रामलीला मैदान में आयोजित किया गया, जहाँ छात्राओं ने विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। शिविर के प्रथम सत्र में स्वयंसेविकाओं ने शिविर स्थल की साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। इसके अतिरिक्त, छात्राओं ने नशा मुक्ति विषय पर संदेशपरक पोस्टर बनाकर समाज को जागरूक करने का प्रयास किया। छात्राओं ने समापन समारोह की तैयारियों में भी सक्रिय भागीदारी निभाई। लक्ष्य गीत पर नृत्य जैसी रंगारंग प्रस्तुतियां दीं भोजनावकाश के बाद द्वितीय सत्र में सात दिवसीय शिविर के समापन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्राओं ने लोकगीतों पर सामूहिक नृत्य, गणेश वंदना, लघु नाटक, भाषण और एनएसएस के लक्ष्य गीत पर नृत्य जैसी रंगारंग प्रस्तुतियाँ दीं। उपस्थित अतिथियों और शिक्षकों ने इन प्रस्तुतियों की सराहना की। महिला हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्या मंजुला उपाध्याय ने छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि शिविर के दौरान सिखाए गए हस्तकला और कौशल को छात्राएँ रोजगार के अवसर के रूप में अपना सकती हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मनोज पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि आज की नारी पहले जैसी नहीं रही। उन्होंने उल्लेख किया कि जहाँ कभी महिलाओं को ‘आंचल में दूध और आंखों में पानी’ कहकर कमजोर समझा जाता था, वहीं आज की महिला हर क्षेत्र में आगे बढ़कर अपनी क्षमता साबित कर रही है और ‘अबला’ शब्द अब अप्रासंगिक हो चुका है।इस दौरान कार्यक्रम अधिकारी मनीषा बड़ौनियां ने सात दिवसीय शिविर की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।