नाबालिग से छेड़छाड़ मामले में दो दोषी:सोनभद्र में दोनों को 4-4 साल की कैद, कोर्ट ने 20 हजारा का जुर्माना भी लगाया

नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ और जबरदस्ती के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी पन्नालाल यादव और संतोष यादव को चार-चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर 20 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर उन्हें एक -एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। अर्थदंड की राशि में से 15 हजार रुपए पीड़िता को दिए जाएंगे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना करीब सात वर्ष पूर्व म्योरपुर थाना क्षेत्र में हुई थी। पीड़िता के पिता ने 12 अक्टूबर 2018 को पुलिस में तहरीर दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि रात करीब 11 बजे उनकी 16 वर्षीय बेटी अपने परिजनों के साथ गांव में हो रही रामलीला देखने गई थी। रात में जब पीड़िता अपनी सहेली के साथ बाथरूम करने गई, तो पहले से घात लगाए पन्नालाल यादव और संतोष यादव ने उसे पकड़ लिया और जबरदस्ती करने लगे। पीड़िता किसी तरह उनके चंगुल से बचकर अपने परिजनों के पास पहुंची और आपबीती सुनाई। परिजनों ने संतोष और पन्नालाल को आसपास ढूंढा, लेकिन वे नहीं मिले। इसके बाद म्योरपुर थाने में तहरीर दी गई। पुलिस ने 13 अक्टूबर 2018 को एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने संतोष यादव और पन्नालाल के विरुद्ध छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट के तहत कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुना, गवाहों के बयान और पत्रावली का अवलोकन किया। दोषसिद्ध पाकर अदालत ने दोषी संतोष यादव और पन्ना लाल यादव को 4 -4 वर्ष की कठोर कैद एवं 20 हजार रूपए अर्थदंड की सजा सुनाई।वही अर्थदंड की धनराशि में से 15 हजार रूपए पीड़िता को मिलेगी। अर्थदंड न देने पर 1 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।