सुलतानपुर के धनपतगंज थाना क्षेत्र में गुरुवार को फर्जी शादी के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से शादी के दौरान दिए गए जेवरात और नकदी बरामद की है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्जकर चारों को जेल भेज दिया है। यहां देखिए तीन तस्वीरें…
जानिए पूरा मामला दरअसल, बुधवार रात करीब 8.30 बजे पीड़ित जगदीश पिता नानकराम निवासी मोहनपुरा थानाक्षेत्र बालाघाट, जिला करौली, राजस्थान ने थाना धनपतगंज में लिखित शिकातयत दी थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि मेरे बड़े बेटे रोहिताश के लिए रिश्ते की तलाश में परिजनों से बात की थी। देवरिया में रचाई थी शादी उनके भांजे मनोज ने मथुरा निवासी राजपाल से संपर्क कराया, जिसने देवरिया की एक युवती से शादी का प्रस्ताव दिया। 10 फरवरी को लाईपार स्थित दुर्गा मंदिर में बेटे ने सात फेरे लिए थे। इसके बाद शादी के तुरंत बाद गिरोह के सदस्यों ने 1.40 लाख रुपए की मांग की। पैसे न देने पर दुल्हन को विदा न करने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। इस दबाव में पीड़ित परिवार ने 1.10 लाख रुपए दिए। पुलिस ने घेराबंदी करके आरोपियों को पकड़ा इसके बाद घर वापसी के दौरान पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे किलोमीटर-110 स्थित कैंटीन पर दोबारा 64 हजार की मांग की, जिसमें से 7 हजार रुपए और वसूल लिए थे। इसके बाद पुलिस को पीड़ित ने सूचना दी। मौके पर पुलिस ने दुल्हन समेत चारों आरोपियों को बेनीपुर अंडरपास के पास घेराबंदी करते हुए हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सुनील कुमार, सुमन उर्फ मुस्कान उर्फ प्रियंका (दुल्हन), रानी निशा और शशि भारती शामिल हैं। जांच में पता चला है कि दुल्हन बनी महिला पहले से शादीशुदा है। सीओ बल्दीराय आशुतोष कुमार ने बताया- यह एक सुनियोजित गिरोह है, जो फर्जी पहचान के आधार पर शादी कराकर बाद में ब्लैकमेलिंग के जरिए पैसे वसूलता था। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। आरोपियों ने अब तक कितनी घटनाएं की हैं , इसकी फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस गिरोह के अन्य संदिग्ध साथियों की तलाश कर रही है।