पल्लवी पटेल बोलीं- सपा सिर्फ मुसलमानों का वोट लेती है:कभी उनके लिए आवाज नहीं उठाती, SIR सिर्फ धोखा; VIDEO इंटरव्यू

‘यूपी में सबसे अधिक शोषण दलित और मुसलमानों का हुआ। सपा सिर्फ मुसलमानों का वोट लेती है, कभी उनके लिए आवाज नहीं उठाती। इन्हें हमेशा धर्म के आधार पर बांटकर उनके हक और अधिकारों को लूटा जा रहा है। SIR अभियान धोखा है। जिन डुप्लीकेट वोटरों की बात सरकार कर रही है, उन्हीं से तो सरकार बनाई थी। कागजों पर सब कुछ सही दिखाया जा रहा है, लेकिन जमीन पर हालात बिल्कुल उलट हैं। जीरो टॉलरेंस की बात करने वाली योगी सरकार में अपराधियों का मनोबल पहले से ज्यादा बढ़ा है।’ यह कहना है अपना दल (कमेरावादी) की नेता डॉ. पल्लवी पटेल का। वह शुक्रवार को बरेली आई थीं। इस दौरान दैनिक भास्कर संवाददाता से जातिगत जनगणना से लेकर SIR समेत अन्य मुद्दों पर बात की। आइए बताते हैं उन्होंने और क्या कहा।
सवाल: आजम खान के साथ जो कुछ हुआ, उसे आप कैसे देखती हैं? जवाब: आजम खान जिस कद के नेता हैं, जितना मैंने उन्हें समझा और जाना है, मैं इतना जरूर कह सकती हूं कि जिस व्यक्ति ने सरकार में एक अहम किरदार निभाया हो, उसे जिस तरह से सरकार ट्रीट कर रही है, वह उनके कद और गरिमा के खिलाफ है। किसी एक सरकार का दूसरी सरकार के प्रति जो रवैया है, वो भी कहीं न कहीं अशोभनीय है। सवाल: अखिलेश यादव PDA की बात करते हैं, जबकि आप PDM की, ये क्या है? जवाब: देखिए, ‘A’ डायल्यूट हो सकता है, लेकिन ‘M’ डायल्यूट नहीं होता। यह वो समाज है, जो इस देश का बड़ा समाज है। जो 100 प्रतिशत अपना वोट सपा को देता है। लेकिन सपा मुखरता से उस समाज की बात नहीं करती है। इसलिए उनके हक और अधिकारों की बात करना हमारा दायित्व है।
आगे बढ़ने से पहले पोल में हिस्सा लेकर राय दें… सवाल: आपने कहा कि संघर्ष सत्ता के लिए है, क्या यह सरकार पर निशाना है? जवाब: नहीं, मैंने यह हर राजनीतिक पार्टी के लिए कहा। पिछले 76 सालों में संघर्ष सत्ता पाने और उसमें बने रहने का ही रहा है। किसी भी सरकार ने वंचित समाज के उत्थान के लिए धरातल पर गंभीर काम नहीं किया। घोषणाएं बहुत हुईं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। सवाल: SIR को लेकर आप क्या कहना चाहेंगी? जवाब: यह लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश है। जिनके वोट से यह सरकार बनी, अब उन्हीं के वोट को संदिग्ध बताया जा रहा है। SIR अभियान धोखा है। मोदी सरकार ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को चरमराने का एक बड़ा हथकंडा अपना लिया है। यह सिर्फ इसलिए किया जा रहा है ताकि पिछड़े और दलित समाज को, जिन्हें लोकतंत्र में वोट देने की ताकत दी गई है, उससे दूर रखा जाए। मोदी सरकार तो मृत और डुप्लीकेट वोटों से बनी थी। यह सरकार तो उसी सिस्टम से बनी थी, जहां एक व्यक्ति की 20-20 जगह वोट बने थे। तब क्यों नहीं सवाल उठाया गया? यह सब प्रमुख मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है। सवाल: महंगाई पर आपका क्या कहना है? जवाब: महंगाई से हर व्यक्ति परेशान है। महिला अपने किचन के खर्च से परेशान है, पुरुष अपनी गाड़ी में पड़ने वाले पेट्रोल-डीजल को लेकर परेशान है। बच्चा इस बात से परेशान है कि उसकी किताबें नहीं आ रहीं। नौजवान इस बात पर परेशान है कि हमारे भविष्य का क्या होगा।

सवाल: बिहार चुनाव में नेताओं की बयानबाजी को कैसे देखती हैं? जवाब: बिहार चुनाव में जो बयानबाजी हुई, वह बहुत स्तरहीन थी। अब राजनीति मुद्दों की नहीं रही, व्यक्तियों की हो गई है। जो लोग लोकतंत्र की बात करते हैं, वही खुद लोकतंत्र की आत्मा को आहत कर रहे हैं। सवाल: सरकार कहती है कि किसानों की आय दोगुनी हो गई है? जवाब: मोदी जी के हिसाब से तो हर व्यक्ति की आय दोगुनी हो गई है, लेकिन सच यह है कि लोगों की जेब से चवन्नी-अठन्नी तक गायब है। किसान आज भी खाद, बीज और फसल के दाम के लिए संघर्ष कर रहा है। देश की पहचान खेत-खलिहान और पगडंडी से होती थी, लेकिन आज किसान सबसे ज़्यादा परेशान है। न नीति है, न नीयत, न ही कोई सोच।

सवाल: आपकी बहन अनुप्रिया पटेल ने कहा कि उनकी पार्टी अब तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। इस पर क्या कहेंगी? जवाब: देखिए, हर पार्टी का विस्तार चुनाव से पहले होता है। जिला पंचायत 2026 और विधानसभा 2027 के चुनाव नजदीक हैं, इसलिए सभी दल अपनी संगठनात्मक ताकत बढ़ा रहे हैं। हमारा भी यही मकसद है कि रुहेलखंड में संगठन को मजबूत करें। जहां तक जातिगत आधार की बात है, तो कुर्मी समाज से हमारा जुड़ाव ऐतिहासिक है, लेकिन हमने हमेशा सर्वसमाज की राजनीति की है। हमारी सोच है कि जिस समाज की जितनी संख्या भारी, उसकी शिक्षा, रोजगार और सत्ता में उतनी भागीदारी हो। इसके लिए जातिवार जनगणना जरूरी है।
अब जानिए पल्लवी पटेल कौन हैं
डॉ. पल्लवी पटेल उत्तर प्रदेश की सिराथू सीट से विधायक हैं। वह अपना दल (कमेरावादी) की नेता हैं और डॉक्टर सोनेलाल पटेल की बेटी हैं। उन्होंने 2022 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा और तत्कालीन उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को हराकर बड़ी जीत दर्ज की। पल्लवी पटेल का राजनीतिक सफर संघर्षों से भरा रहा है। वह महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर मुखर रहती हैं। परिवार की अंदरूनी राजनीति के बावजूद उन्होंने अपनी पहचान संवेदनशील लेकिन बेबाक नेता के रूप में बनाई है। उनका मानना है कि राजनीति सत्ता का माध्यम नहीं, समाज परिवर्तन का जरिया होना चाहिए। ——————————- ये खबर भी पढ़ें… सहारनपुर में सोते वक्त भाजपा नेता की हत्या:माथे के बीचो-बीच मारी गोली, छोटा बेटा पंचायत चुनाव की तैयारी कर रहा था सहारनपुर में भाजपा नेता की सोते वक्त गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावर ने उनके माथे के बीचोंबीच गोली मारी। शव घर के पीछे चारपाई पर मिला। वारदात के वक्त घर में 10 लोग मौजूद थे, लेकिन किसी को घटना का पता नहीं चला। शनिवार सुबह बहू चाय देने पहुंची तो खून से लथपथ शव देखकर चीख पड़ी। आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने पर पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए। पढ़ें पूरी खबर…