पानी बहाने पर 5 लाख रुपए का जुर्माना और जेल:कानपुर में भू-जल संरक्षण के लिए उठाए गए कदम, होटल-रिसॉर्ट पर होगी सख्ती

जिले में भूजल संरक्षण को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन के मुताबिक ग्राउंड वाटर एक्ट 2019 के तहत बिना पंजीकरण या अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) के भूजल दोहन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बातचीत के दौरान बताया कि औद्योगिक, वाणिज्यिक, अवसंरचनात्मक संस्थान, आरओ प्लांट और सामूहिक भूजल उपभोक्ताओं को भूजल निकालने के लिए अनिवार्य रूप से पंजीकरण या NOC (नो ऑबजेक्शन सर्टिफिकेट) लेना होगा। इसके अलावा भूगर्भ कूप (बोरिंग) बनाने वाली ड्रिलिंग एजेंसियों का पंजीकरण भी जरूरी किया गया है। इन संस्थानों पर लागू होंगे नियम होटल, लॉज, आवासीय कॉलोनियां, रिजॉर्ट, निजी अस्पताल, नर्सिंग होम, शॉपिंग मॉल, मैरिज होम, ड्रिंकिंग वाटर प्लांट, स्लॉटर हाउस और वाहन धुलाई केंद्र जैसे संस्थानों को भी नियमों का पालन करना होगा। उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई अधिनियम की धारा-39 के अनुसार बिना पंजीकरण या NOC के भूजल दोहन करते पाए जाने पर 2 से 5 लाख रुपए तक का जुर्माना या 6 माह से 1 वर्ष तक की जेल, अथवा दोनों सजा का प्रावधान है। एक महीने में करना होगा आवेदन प्रशासन ने सभी संबंधित संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे एक माह के भीतर निवेश मित्र पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर पंजीकरण या NOC प्राप्त करें। निर्धारित समय में आवेदन न करने पर अवैध भूजल दोहन करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।