पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) प्रशासन ने वन्यजीवों की सुरक्षा और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब टाइगर रिजर्व के मुख्य वन क्षेत्रों से गुजरने वाले प्रमुख मार्गों पर रात के समय वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) पीलीभीत टाइगर रिजर्व, भरत कुमार द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, यह निर्णय उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली के 17 नवंबर 2025 को पारित आदेश और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के दिशा-निर्देशों के तहत लिया गया है। कोर्ट के आदेश की धारा 48.7 और 48.8 में वन्यजीव विहारों और टाइगर रिजर्व के भीतर से गुजरने वाले राष्ट्रीय, राजकीय और जनपद स्तरीय सड़कों पर रात के समय यातायात प्रतिबंधित करना अनिवार्य बताया गया है। शाम से सुबह तक पूर्ण प्रतिबंध लागू प्रशासन के निर्देशों के अनुसार, टाइगर रिजर्व की माला रेंज और महौफ रेंज के अंतर्गत आने वाले पीलीभीत-पूरनपुर मार्ग (माला रेंज का वन क्षेत्र), पीलीभीत-माधौटांडा मार्ग और माधौटांडा-खटीमा मार्ग पर शाम से सुबह तक पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध सामान्य यातायात और निजी वाहनों पर लागू होगा। हालांकि, मानवीय संवेदनाओं और आपातकालीन स्थितियों को ध्यान में रखते हुए एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। सूर्यास्त के बाद अन्य सभी प्रकार के निजी और व्यावसायिक वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा। इस आदेश की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक पीलीभीत, जिलाधिकारी और फील्ड डायरेक्टर को भी भेजी गई है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। संबंधित क्षेत्रीय वनाधिकारियों को अपने क्षेत्रों में बैरियर और गश्त के माध्यम से इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य रात के समय वन्यजीवों, विशेषकर बाघों को सड़क हादसों से बचाना और उनके प्राकृतिक आवास में मानवीय दखल को कम करना है।