पीलीभीत में शुक्रवार को एक गैर-जमानती वारंटी को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर हमला किया गया। ग्रामीणों और वारंटी के परिजनों ने पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज, हाथापाई और धक्का-मुक्की कर सरकारी कार्य में बाधा डाली। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामला गजरौला थाना क्षेत्र का है। घटना गजरौला थाना क्षेत्र के नकटिया गांव की है। उप-निरीक्षक मो. आरिफ के नेतृत्व में पुलिस टीम गांव निवासी इंद्र कुमार उर्फ इंद्रजीत पुत्र चोखेलाल को गिरफ्तार करने पहुंची थी। इंद्रजीत के खिलाफ न्यायालय से गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी हुआ था। पुलिस ने घेराबंदी कर इंद्रजीत को हिरासत में ले लिया था। परिजनों ने पुलिस का रास्ता रोका पुलिस के अनुसार, जैसे ही इंद्रजीत को हिरासत में लिया गया, उसके परिवार के सदस्य और अन्य ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। उन्होंने पुलिस टीम का रास्ता रोक लिया और वारंटी को छुड़ाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों के साथ बहस हुई, जिसके बाद आरोपियों ने हाथापाई और धक्का-मुक्की शुरू कर दी। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। गजरौला थाना प्रभारी ब्रजवीर सिंह ने बताया कि इनमें 6 नामजद और 6 अज्ञात आरोपी शामिल हैं। पुलिस ने इस मामले में वारंटी इंद्र कुमार उर्फ इंद्रजीत, अंतराम, गोकुल प्रसाद, खेमकरन (सभी पुत्रगण चोखेलाल) और गायत्री (पुत्री चोखेलाल) को गिरफ्तार किया है। अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया ने बताया- सरकारी कार्य में बाधा और पुलिस टीम पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मुख्य आरोपी इंद्रजीत की पत्नी ओमवती अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।