पीलीभीत में भाजपा ने संगठन की कमान गोकुल प्रसाद मौर्य को सौंप दी है। पार्टी नेतृत्व ने उनकी जमीनी सक्रियता, संगठन के प्रति निष्ठा और धैर्य को देखते हुए उन्हें जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है। टिकट की दावेदारी से संगठन की कमान तक बीते नगर पालिका चुनाव में गोकुल प्रसाद मौर्य ने अध्यक्ष पद के लिए टिकट की दावेदारी की थी। टिकट न मिलने पर उनके समर्थकों में नाराजगी देखी गई और उनके निर्दलीय चुनाव लड़ने की अटकलें भी लगीं। हालांकि, उन्होंने पार्टी अनुशासन को प्राथमिकता देते हुए चुनाव मैदान से दूरी बनाई। अब उसी निष्ठा और संयम का परिणाम उन्हें जिलाध्यक्ष पद के रूप में मिला है।
संगठन में अनुभव और समीकरण वर्तमान में वे नगर पालिका के सभासद हैं और पूर्व में जिला उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या के करीबी माने जाने वाले गोकुल प्रसाद मौर्य की संगठन में मजबूत पकड़ बताई जाती है। उनकी नियुक्ति को जिले में पिछड़ा वर्ग (OBC) समीकरणों को साधने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। कार्यकर्ताओं को संदेश भाजपा ने इस फैसले के जरिए स्पष्ट संकेत दिया है कि विपरीत परिस्थितियों में भी पार्टी के साथ खड़े रहने वाले कार्यकर्ताओं को समय आने पर सम्मान और जिम्मेदारी दी जाती है। नवनियुक्त जिलाध्यक्ष के सामने अब संगठन को एकजुट रखना, बूथ स्तर तक पार्टी की नीतियों को पहुंचाना और आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार करना बड़ी जिम्मेदारी होगी।