पुलिस के सामने प्रिंसिपल पर फेंकी स्याही:कानपुर में प्रधानाध्यपक बोले- बाहरी छात्र देने आए थे ज्ञापन, एबीवीपी ने किया था प्रदर्शन

डीएवी पीजी कालेज में शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। हंगामें के दौरान कई मांगों को लेकर छात्र प्राचार्य प्रोफेसर अरुण कुमार दीक्षित को ज्ञापन सौंपने पर अड़े थे। प्राचार्य के न मिलने पर छात्र प्रिंसिपल आफिस के बाहर धरने पर बैठ गए। हंगामें की सूचना पर कोतवाली इंस्पेक्टर व एसीपी मौके पर पहुंच गए। कुछ देर बाद जब प्रिंसिपल प्रो. अरुण दीक्षित ज्ञापन लेने पहुंचे तो भीड़ के बीच से एक छात्र ने उन पर काली स्याही फेंक दी। मामले में प्रिंसिपल ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने स्याही फेंकने वाले छात्र को मौके से ही पकड़ लिया। हंगामा करने वाले छात्र अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं। मामले में कोतवाली जगदीश प्रसाद पांडेय ने बताया कि मामला संज्ञान में है। जांच की जा रही है। बाहरी छात्र ज्ञापन देने आए प्रिंसिपल प्रो. अरुण कुमार दीक्षित ने बताया कि वह एक आवश्यक कार्य से विश्वविद्यालय गए हुए थे। इसी बीच कालेज में छात्रों के हंगामें की बात पता चली। मैंने वाइस प्रिंसिपल को ज्ञापन सौंपने की बात कही लेकिन छात्र मुझे ही ज्ञापन सौंपने पर अड़े हुए थे। मैं जब ज्ञापन लेने पहुंचा तो देखा कि छात्र मेरे कालेज के नहीं है। इसी बीच बातचीत के दौरान पुलिस के सामने एक छात्र में मेरे ऊपर काली स्याही फेंकी। बताया कि कुछ दिन पहले कुछ लोग उनके पास कालेज परिसर में होली उत्सव कराने की अनुमति लेने आए थे। लेकिन कालेज का छात्र न होने की वजह से मैंने अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद आज वही लोग कई मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपने आए थे। उसी दौरान स्याही फेंकने की घटना हुई। मैंने पुलिस को तहरीर सौंपी है। एबीवीपी ने गिनाईं कमियां मामले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से जारी प्रेस रिलीज में बताया गया कि शोधार्थियों से की जा रही अवैध वसूली की लिखित शिकायत पर कार्यवाही न करने , कॉमर्स की क्लासेज को बिना बोर्ड और कुर्सी के ऑडिटोरियम में लगाने और क्लासेज के समय न खोलने और बाहरी अराजक तत्वों द्वारा छात्राओं के साथ अभद्रता आदि गंभीर मुद्दों पर कार्यकर्ता ने ज्ञापन सौंपने पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने छात्र-हित से जुड़े मुद्दों को लेकर प्राचार्य से मिलने हेतु लगभग आठ घंटे तक प्रतीक्षा की। जब प्राचार्य आए तो उन्होंने ज्ञापन लेने से इनकार कर दिया। कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन एडीसीपी अंजली विश्वकर्मा को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि सभी बिंदुओं पर शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बुनियादी सुविधाओं की कमी चिंताजनक
एबीवीपी के प्रान्त मंत्री दिनेश यादव ने कहा कि महाविद्यालय प्रशासन का यह रवैया अत्यंत निराशाजनक है। जब छात्र अपने अधिकारों और सुविधाओं के लिए शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन देने आते हैं, तो प्राचार्य का उनसे न मिलना और ज्ञापन न लेना लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। महानगर मंत्री सुधांशु त्रिपाठी ने कहा कि डी.ए-वी कॉलेज जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में बुनियादी सुविधाओं की कमी चिंताजनक है।