देवरिया के देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को डॉक्टरों ने डिस्चार्ज कर दिया। अमिताभ ठाकुर का सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड कराया गया। जिसमें इंफेक्शन सामने आया है। डॉक्टरों ने उन्हें दवा लेने की सलाह दी है। पुलिस सुरक्षा में उन्हें 4.30 बजे देवरिया जिला कारागार भेजा गया । वहीं अब पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की रिहाई का रास्ता होता नजर आ रहा है। वाराणसी के बाद अब देवरिया में भी बांड जमा कराए जाएंगे। जमानतदारों की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद वह जेल से बाहर आ सकेंगे। वारंट बी और कानूनी दांव-पेंच के चलते जमानत मिलने के 15 दिन बाद भी वह जेल से नहीं छूट सके थे। अमिताभ ठाकुर को 9 जनवरी को वाराणसी कोर्ट से जमानत मिली थी। इसके बाद 19 जनवरी को देवरिया कोर्ट ने धोखाधड़ी के मामले में उन्हें जमानत दे दी थी। उन्हें एक–एक लाख रुपए के दो बांड और दो जमानतदार पेश करने थे। इस बीच लखनऊ के तालकटोरा थाने में दर्ज एक अन्य मामले में वारंट बी जारी हो गया। जिसके चलते ये प्रक्रिया यहीं रुक गई। 30 जनवरी को लखनऊ CJM कोर्ट ने वारंट निरस्त करने का आदेश दे दिया। इसके बाद 2 फरवरी को वाराणसी कोर्ट में औपचारिकताएं पूरी हुईं। अब देवरिया कोर्ट में भी बांड भरकर जमानत की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसके बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो जाएगा। अमिताभ ठाकुर के अधिवक्ता प्रवीण त्रिपाठी के अनुसार उनकी रिहाई 6 फरवरी तक हो सकती है। इन वजहों के चलते अनुराग ठाकुर नहीं हो सके रिहा… वारंट बी निरस्त होने के बाद रास्ता साफ
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र ने बताया- वारंट बी किसी भी बंदी की रिहाई प्रक्रिया में सबसे बड़ी अड़चन बन जाता है। अमिताभ ठाकुर के मामले में भी यही स्थिति बनी रही। अधिवक्ताओं ने पहले वारंट बी को निरस्त कराने की रणनीति अपनाई। इसके लिए लखनऊ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। लगातार पैरवी और बहस के बाद 30 जनवरी को सीजेएम कोर्ट ने वारंट बी वापस लेने का आदेश दे दिया। यह आदेश 1 फरवरी को देवरिया जिला कारागार पहुंचा। वारंट बी वापस होते ही कानूनी अड़चन काफी हद तक दूर हो गई और रिहाई की प्रक्रिया फिर से शुरू हो गई। देवरिया में बांड जमा करने की तैयारी
वारंट बी हटने के तुरंत बाद वकीलों ने जमानत बांड जमा कराने की प्रक्रिया तेज कर दी। 2 फरवरी को वाराणसी न्यायालय में दो जमानतदारों के साथ जरूरी बांड जमा कराए गए। इससे वाराणसी के मामले में औपचारिकताएं लगभग पूरी हो गईं। वहीं, देवरिया में भी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। अधिवक्ता प्रवीण त्रिपाठी के अनुसार अमिताभ ठाकुर के दो जमानतदारों के बांड जिला जज कार्यालय में जमा कराए जाएंगे। इसके बाद स्थानीय स्तर पर जमानतदारों का सत्यापन कराया जाएगा, जिसके लिए पत्रावलियां पुलिस और तहसील प्रशासन को भेजी जाएंगी। 6 फरवरी तक रिहाई की उम्मीद
देवरिया में बांड जमा होने के बाद जमानतदारों के पते, संपत्ति और पहचान का सत्यापन अनिवार्य प्रक्रिया है। पुलिस और तहसील से रिपोर्ट आने के बाद कोर्ट अंतिम रिहाई का आदेश जारी करेगा। यही आदेश जिला कारागार पहुंचेगा, जिसके आधार पर जेल प्रशासन रिहाई की कार्रवाई करेगा।
अधिवक्ता रितेश मोहन श्रीवास्तव के अनुसार यदि देवरिया न्यायालय में बांड जमा होते हैं और जमानतदार के सत्यापन के लिए तहसील और कोतवाली से सत्यापन की प्रक्रिया समय से पूरी हो जाती है, तो न्यायालय से रिहाई आदेश जारी होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। अमिताभ ठाकुर के वकील प्रवीण त्रिपाठी के अनुसार उनकी रिहाई 6 फरवरी तक हो सकती है। अमिताभ ठाकुर के किडनी फंक्शन पर डॉक्टरों की नजर
रविवार को आई जांच रिपोर्ट में अमिताभ ठाकुर के रक्त में क्रिएटिनिन का स्तर सामान्य से अधिक पाया गया है। वरिष्ठ सर्जन डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि सामान्य परिस्थितियों में क्रिएटिनिन का स्तर 0.7 से 1.3 के बीच होना चाहिए, लेकिन उनकी रिपोर्ट में यह इससे अधिक दर्ज किया गया। डॉक्टरों के अनुसार बढ़ा हुआ क्रिएटिनिन किडनी की कार्यक्षमता पर प्रभाव का संकेत माना जाता है, इसलिए डॉक्टरों ने विशेष सतर्कता बरतने और आगे की जांच जारी रखने का निर्णय लिया है। विशेषज्ञों की टीम लगातार रिपोर्टों की समीक्षा कर रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त जांच भी कराई जा सकती है। वहीं, जेल प्रशासन भी मेडिकल अपडेट पर नजर बनाए हुए है और डॉक्टरों की सलाह के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मरीज को आराम, दवाएं और नियमित जांच के जरिए उपचार दिया जा रहा है। ——————–
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