सहारनपुर में पंजाब के एक व्यक्ति ने पूर्व डीजीपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मलेरकोटला निवासी शमशुद्दीन चौधरी ने घंटाघर स्थित एक होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि सहारनपुर निवासी पंजाब के पूर्व डीजीपी ने दो अलग-अलग राज्यों में अपने नाम से वोट दर्ज करा रखे हैं। चौधरी के अनुसार, पूर्व डीजीपी का एक वोट पंजाब में और दूसरा उत्तर प्रदेश में बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों मतदाता सूचियों में अलग-अलग वोटर आईडी नंबर दर्ज हैं। शमशुद्दीन चौधरी ने कहा कि एक पूर्व आईपीएस अधिकारी और कानून के जानकार होने के नाते, दो वोट और दो पहचान पत्र होना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की मांग की। चौधरी ने उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन से भी मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश देने का आग्रह किया। चौधरी ने कांग्रेस पार्टी पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि पार्टी देशभर में वोट चोरी के आरोप लगाती रही है, जबकि उनके ही नेताओं पर ऐसे सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने सीधे तौर पर राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व से पूछा कि क्या वे इस प्रकरण में कानूनी कार्रवाई का समर्थन करेंगे। चौधरी ने चेतावनी दी कि कार्रवाई न होने पर यह दोहरे मापदंड का उदाहरण होगा। शमशुद्दीन चौधरी ने बताया कि हाल ही में पूर्व डीजीपी के बेटे की मौत के मामले में एक वीडियो सामने आया था, जिसे उन्होंने पंजाब पुलिस को सौंपा था। यह मामला बाद में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) तक पहुंचा। उनका आरोप है कि इसी प्रकरण के बाद उन्हें डराने-धमकाने की कोशिशें शुरू हुईं और सहारनपुर में उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया गया। चौधरी ने आशंका जताई कि उन्हें सहारनपुर बुलाने के पीछे किसी अनहोनी की साजिश हो सकती है। उन्होंने इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को लिखित शिकायत दी है और अपनी सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन को न केवल उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए, बल्कि कथित फर्जी वोटों और पहचान पत्रों की भी व्यापक जांच करनी चाहिए।