सहारनपुर में जमीन के फर्जी बैनामे के जरिए लाखों रुपए की ठगी की साजिश का खुलासा हुआ है। थाना बेहट पुलिस ने धोखाधड़ी के एक मामले में फरार आरोपी को गिरफ्तार करते हुए उसके निशानदेही पर 10-10 लाख रुपए के तीन चेक बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिनमें पूर्व बसपा एमएलसी हाजी इकबाल उर्फ बाला और उनके परिजनों का नाम भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, मामला हरियाणा के यमुनानगर निवासी फरमान की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिनसे जमीन का फर्जी सौदा कर लाखों रुपये हड़पने की कोशिश की गई थी। बायोमैट्रिक सत्यापन में अंगूठे का मिलान नहीं हुआ 7 मार्च 2026 को यमुनानगर (हरियाणा) के ग्रीन विहार कॉलोनी निवासी फरमान पुत्र रमजानी ने थाना बेहट में शिकायत दी। उन्होंने बताया कि सहारनपुर के मिर्जापुर क्षेत्र के रहने वाले नदीम और फजलुर्रहमान ने उन्हें ग्राम नौशेरा ततारपुर की जमीन दिखाकर सौदा तय किया। आरोपियों ने पहले एक लाख रुपये बयाने के तौर पर ले लिए। इसके बाद 6 मार्च को बैनामा कराने के नाम पर करीब 65 लाख रुपये की रकम लेने की तैयारी की गई। आरोप है कि बैनामे के दिन जमीन के असली मालिक नदीम की जगह किसी दूसरे व्यक्ति को भेज दिया गया। जब तहसील में बायोमैट्रिक सत्यापन के दौरान अंगूठे का मिलान नहीं हुआ तो पूरा खेल खुलने लगा और आरोपी मौके से फरार हो गए। इस मामले में थाना बेहट में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी को पकड़ा, 10-10 लाख रुपये के तीन चेक मिले एसएसपी अभिनंदन ने मामले की जांच को एक टीम का गठन किया था। रविवार 8 मार्च को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मुख्य आरोपी नदीम पुत्र नसीम निवासी मिर्जापुर पोल को उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर 10-10 लाख रुपये के तीन चेक बरामद किए गए, जिन्हें उसने सड़क किनारे झाड़ियों में छिपाकर रखा था। पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है। पूछताछ में आरोपी नदीम ने बताया कि वह पिछले करीब सात साल से मिर्जापुर स्थित ग्लोकल यूनिवर्सिटी में माली का काम करता है और उसे करीब 10 हजार रुपये मासिक वेतन मिलता है। उसने दावा किया कि उसे नौकरी पूर्व बसपा एमएलसी हाजी इकबाल उर्फ बाला ने लगवाई थी। उसके पिता भी पहले से उनके यहां काम करते थे। आरोपी के अनुसार, हाजी इकबाल और उनके परिवार ने कई कंपनियों के जरिए उसके और उसके पिता के नाम पर सैकड़ों बीघा जमीन खरीदी। इनमें से कई जमीनों को प्रवर्तन निदेशालय (ED) और जिला प्रशासन पहले ही कुर्क कर चुका है। सरकारी कार्रवाई से बचाने के लिए ऐसे बेचो जमीन नदीम ने पुलिस को बताया कि उसे कहा गया था कि जमीन को इस तरह बेचा जाए कि वह किसी दूसरे के नाम चली जाए और सरकारी एजेंसियां उसे कुर्क न कर सकें। उसने स्वीकार किया कि लालच में आकर उसने अपने नाम की 16 बीघा जमीन दिखाकर हरियाणा की एक पार्टी को फंसा लिया और योजना बनाई कि किसी अन्य व्यक्ति को नदीम बनाकर बैनामा करा दिया जाएगा। ड्राइवर को बना दिया फर्जी नदीम पूछताछ में सामने आया कि इस योजना के तहत एक ड्राइवर राकिब को मास्क पहनाकर तहसील ले जाया गया और उसे नदीम बनाकर बैनामा कराने की कोशिश की गई।
लेकिन बायोमैट्रिक जांच में अंगूठे का मिलान नहीं हुआ और फर्जीवाड़ा पकड़ में आ गया। इसके बाद आरोपी मौके से भाग निकले। नदीम के मुताबिक, फजलुर्रहमान ने उसे 25 लाख रुपए नगद और चेक दिए थे, जिन्हें उसने बाद में छिपा दिया था। पुलिस कर रही पूरे नेटवर्क की जांच पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है और जमीन के इस पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। इस खुलासे के बाद सहारनपुर में जमीन के सौदों और बेनामी संपत्तियों को बेचने वालों पर पुलिस की नजर रहेगी।