प्रतापगढ़ में पुलिस से मुठभेड़, दो भाई गिरफ्तार:टप्पेबाजी गिरोह के बदमाशों के पैर में लगी गोली, मजदूरी छोड़कर बने अपराधी

प्रतापगढ़ में कोहंडौर थाना क्षेत्र में रविवार देर शाम पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में दो सगे भाइयों को गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। ये दोनों भाई उत्तराखंड के कुख्यात टप्पेबाज गिरोह से जुड़े हैं। इन पर प्रतापगढ़ समेत कई जिलों में दर्जनभर से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। यह मुठभेड़ रविवार रात मदाफरपुर नहर पुलिया के पास हुई, जब पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी। बाइक से आ रहे दो युवकों को रुकने का इशारा करने पर वे भागने लगे। संदिग्ध हरकत देख पुलिस ने पीछा किया, तो बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एसओ कोहंडौर धनंजय राय, स्वाट टीम प्रभारी अमित चौरसिया और पुलिस दल ने घेराबंदी की। मुठभेड़ के दौरान दोनों बदमाश आदित्य यादव (30) और दीपक यादव (41) के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें पकड़ लिया गया। पुलिस ने मौके से एक तमंचा, कारतूस और एक बाइक बरामद की है। घायल बदमाशों को पहले सीएचसी कोहंडौर ले जाया गया और फिर वहां से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों की हालत खतरे से बाहर है। जांच में पता चला है कि यह गिरोह ट्रेन या बस से घर लौट रहे यात्रियों को निशाना बनाता था। वे बाहरी जिलों से आने वाले यात्रियों को लिफ्ट देने का झांसा देते थे और रास्ते में मौका पाकर उनसे टप्पेबाजी करते थे। कई बार वे बैग बदलने या बैग गिरने का बहाना बनाकर यात्रियों का सामान लेकर फरार हो जाते थे। पिछले 15 दिनों में कोहंडौर इलाके में टप्पेबाजी की दो घटनाओं को अंजाम देने के बाद यह गिरोह पुलिस की नजर में आ गया था। तभी से पुलिस लगातार इनकी लोकेशन ट्रेस कर रही थी, जिसके बाद यह गिरफ्तारी संभव हो पाई। शनिवार सुबह मध्य प्रदेश से लौट रहे गहरौली गांव निवासी विजय वर्मा को भी इन्हीं आरोपियों ने लिफ्ट देकर बैग बदलने के बहाने वारदात को अंजाम दिया था। विजय कांधरपुर मोड़ पर वाहन का इंतजार कर रहा था, तभी आरोपी बाइक से पहुंचे और उसी दिशा में जाने की बात कहकर उसे बैठा लिया। विजय की तहरीर पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और दोनों की पहचान होने के बाद स्वाट टीम सक्रिय कर दी गई। रविवार रात लोकेशन मिलने पर पुलिस ने मुठभेड़ की कार्रवाई की। मजदूरी छोड़कर शुरू किया अपराध दोनों आरोपी उत्तराखंड के निवासी हैं। इनके खिलाफ प्रतापगढ़, मुरादाबाद समेत कई जिलों में दर्जनभर मुकदमे दर्ज हैं। जानकारी के अनुसार दोनों पहले कोहंडौर इलाके में मजदूरी करते थे और बीते दिनों वापस लौटने के बाद फिर से टप्पेबाजी में सक्रिय हो गए। एसओ कोहंडौर धनंजय राय ने बताया कि दोनों आरोपी इलाके में लगातार वारदातें कर रहे थे और पुलिस को काफी समय से इनकी तलाश थी। दोनों की गिरफ्तारी से कई मामलों के खुलासे की उम्मीद है। डिस्चार्ज होने के बाद उन्हें जेल भेजा जाएगा।