प्रयागराज इस्कॉन मंदिर में फूलों की होली:ब्रज की तर्ज पर हजारों श्रद्धालु शामिल, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं, महापौर हुए शामिल

होली का त्यौहार भले ही बीत चुका हो लेकिन, संगमनगरी में जहां एक तरफ अबीर – गुलाल उड़ाये जाते है। वहीं, मस्ती में सराबोर मठ- मंदिरों में ख़ास आध्यात्मिक अंदाज़ में यह त्यौहार मनाया जाता है। होली के बाद भी मंदिरों मे फूलों की होली खेली जाती है। रविवार को भगवान कृष्ण के इस्कॉन मंदिर में फूलों की होली खेली गई। इस मौके मंदिर में मौजूद सैकड़ों भक्तों ने एक – दूसरे पर इस कदर फूल बरसाए कि चारों तरफ सिर्फ फूलों की पंखुड़ियां ही नजर आईं। अनूठे आध्यात्मिक अंदाज़ में मनाई गई फूलों की इस होली के ज़रिये लोगों को प्रेम व शांति का संदेश दिया गया। इस्कॉन मंदिर में हुए इस ख़ास आयोजन के लिए कोलकाता से कई ट्रक फूल मंगाए गए थे। ब्रज के तर्ज पर खेली गई फूलों की होली प्रयागराज के इस्कॉन मंदिर में रविवार को ब्रज की तर्ज फूलों की होली का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन में हजारी की भीड़ में श्रद्धालु हाथों में फूल लेकर पहुंचे। इस्कॉन मंदिर के प्रांगण में आयोजित ब्रज की होली में शामिल होने के लिए सनातनी वेश भूषा में पहुंचे। बरसाने की होली पर श्रद्धालु झूमते रहे। एक के बाद एक प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं के अंदर उमंग और उत्साह भर दिया। इस्कॉन फूलों की होली के मुख्य आकर्षण प्रयागराज के बलुआघाट स्थित काशीराज नगर में इस्कॉन मंदिर में रविवार को भव्य आयोजन हुआ, जिसमें हज़ारों श्रद्धालु शामिल हुए। इस महोत्सव” के तहत फूलों की होली खेली गई। आयोजन में देश-विदेश से मंगाए गए हज़ारों किलोग्राम सुगंधित फूलों (गुलाब, गेंदा आदि) का उपयोग किया गया ।यह होली ब्रज की परंपरा के अनुरूप मनाई गई, जिसमें भजनों, कीर्तन (हरे कृष्ण महामंत्र) और फूलों की वर्षा के साथ भगवान का अभिषेक होता है। देखे तस्वीरें….
आयोजन से पहले कराया गया पंजीकरण
इस्कॉन मंदिर में आयोजित ब्रज को होली के आयोजन से पहले लोगों ने शामिल होने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया। बिना पास के किसी को भी अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। अंडे प्रवेश करने वालो की भीड़ इस कदर थी कि लोग धक्का देकर अंदर प्रवेश करने का प्रयास करते रहे। लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने किसी को अंदर नहीं जाने दिया। जिनका रजिस्ट्रेशन हुआ था उन्हें फूलों के साथ अंदर प्रवेश दिया गया।
भगवान श्री कृष्ण और राधा का हुआ अभिषेक
फूलों की होली से पहले मंदिर में भगवान श्री कृष्ण और राधा का अभिषेक किया गया। इसके बाद भव्य मनमोहक श्रृंगार हुआ। श्रृंगार के बाद भव्य आरती और भोग प्रसाद अर्पित किया गया। इसके बाद फूलों की होली का भव्य शुभारंभ हुआ। जिसमें श्रद्धालुओं ने जमकर फूलों की होली खेली और आनंद उठाया। मंदिर प्रांगण में भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई।