प्रयागराज में अखिलेश के करीबी को गुंडा एक्ट का नोटिस:अपर पुलिस आयुक्त कोर्ट ने पूछा, जिला बदर क्यों न किया जाए

प्रयागराज में पूर्व मुख्यमंत्री और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के करीबी और समाजवादी पार्टी से जुड़े नेता संदीप यादव उर्फ सावन उर्फ मोछा के खिलाफ अपर पुलिस आयुक्त न्यायालय में गुंडा एक्ट की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। संदीप यादव को उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जिसमें उनसे पूछा गया है कि क्यों न उन्हें जिला बदर कर दिया जाए। अपर पुलिस आयुक्त न्यायालय में चला मामला
इस कार्रवाई के लिए आधार सहायक पुलिस आयुक्त कर्नलगंज की संस्तुति पर थाना प्रभारी जार्जटाउन की 29 दिसंबर की आख्या को बनाया गया है। आख्या में संदीप यादव को आपराधिक प्रवृत्ति का दुस्साहसिक व्यक्ति बताते हुए उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की संस्तुति की गई है। लंबा आपराधिक इतिहास और दबदबा होने का दावा
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, संदीप यादव प्रयागराज के मालवीय रोड, मालवीय नगर (थाना जार्जटाउन) का निवासी है और उसकी उम्र लगभग 38 वर्ष बताई गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उसका लंबा आपराधिक इतिहास है और वह क्षेत्र में अपराध कर अपना वर्चस्व बनाए रखता है। पुलिस का दावा है कि उसके भय के चलते लोग न तो थाने में मुकदमा दर्ज कराने का साहस करते हैं और न ही उसके खिलाफ गवाही देने को तैयार होते हैं। धरना, चक्काजाम और पुतला दहन के आरोप
आख्या में आरोप लगाया गया है कि संदीप यादव बिना अनुमति सार्वजनिक स्थानों पर धरना-प्रदर्शन, चक्का जाम और पुतला दहन करता रहा है। इसके जरिए वह आम लोगों को गुमराह कर भीड़ एकत्र करता है और उन्हें आक्रोशित व उत्तेजित कर सार्वजनिक व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और यातायात को बाधित करता है। माघ मेला 2026 को लेकर प्रशासन की चिंता
पुलिस ने आशंका जताई है कि आगामी माघ मेला 2026 के दौरान संदीप यादव आम लोगों को उकसाकर मेले के सौहार्दपूर्ण माहौल को खराब कर सकता है। इसी के मद्देनज़र प्रशासन ने उसके खिलाफ समय रहते गुंडा एक्ट की कार्रवाई शुरू की है। राजनीतिक पृष्ठभूमि और सपा से जुड़ाव
संदीप यादव प्रयागराज शहर उत्तरी विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ चुका है। वह समाजवादी युवजन सभा का पदाधिकारी बताया जाता है और उसे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का करीबी माना जाता है। संदीप ने सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए गंभीर आरोप
उधर गुंडा एक्ट की कार्रवाई शुरू होने के बाद संदीप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट कर पूरी कार्रवाई को राजनीतिक साजिश बताया है। संदीप ने लिखा है… “योगी सरकार और जिला प्रशासन को श्रद्धेय नेता जी का शिविर इस कदर आंखों में चुभ रहा है कि नेता जी का शिविर मेला क्षेत्र में न लगने पाए, इसके लिए पूरी जल्दबाजी में मेरे ऊपर गुंडा एक्ट और गैंगस्टर लगाने की तैयारी में प्रशासन जुट गया है। अभी-अभी प्रशासन के लोग मेरे घर पर नोटिस चिपका कर गए हैं।” अब जवाब पर टिकी निगाहें
अपर पुलिस आयुक्त न्यायालय की ओर से जारी नोटिस के बाद अब संदीप यादव को अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा। यदि उसका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उसके खिलाफ जिला बदर समेत अन्य कठोर कार्रवाई की जा सकती है। पूरे मामले ने प्रयागराज के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।