फतेहपुर में घर में घुसकर मां-बेटे और देवर की हत्या कर दी गई। बुधवार शाम तीनों के शव कमरे में खून से लथपथ मिले। गले और हाथ की नस कटी हुई थी। पास में ही जहर की पुड़िया पड़ी थी। घर का दरवाजा भी अंदर से बंद था। पति बेटी के सुसराल गए थे। बुधवार शाम को वह घर पहुंचे। पड़ोसियों की मदद से गेट तोड़ा गया। अंदर गए तो देखा कि पत्नी और बेटे के शव पड़े थे। वहीं भाई तड़प रहा था। उसे अस्पताल लेकर गए। यहां उसकी भी मौत हो गई। शुरुआती जांच में पुलिस हत्या और सुसाइड के एंगल पर जांच कर रही है। मामला सदर कोतवाली इलाके का है। अब जानिए पूरा मामला… चौफेरवा गांव निवासी सुनील उर्फ गुड्डू श्रीवास्तव (52) अपने बड़े भाई सुशील कुमार श्रीवास्तव (55), भाभी सुशीला श्रीवास्तव (55) और भतीजे अमर (28) के साथ रहते थे। बुधवार शाम करीब 7:30 बजे जब सुशील श्रीवास्तव घर पहुंचे, तो उन्होंने दरवाजा अंदर से बंद पाया। मां-बेटे का शव जमीन पर पड़ा था
सुशील ने लोहे की रॉड से दरवाजा तोड़ा और अंदर गए। पत्नी सुशीला और बेटा अमर खून से लथपथ पड़े थे। वहीं सुनील भी जमीन पर पड़े तड़प रहे थे। उनकी सांसें चल रही थीं। तीनों की गले और हाथ की नस कटी हुई थी। पास में ही जहर की पुड़िया भी पड़ी थी। कुछ देर में पुलिस भी पहुंच गई। घायल सुनील को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बेटी बोली- मैंने घर पर कॉल की, लेकिन रिसीव नहीं हुई
बेटी दीप्ति श्रीवास्तव ने बताया- पता नहीं क्या हुआ। आज हमारी दिन में परिवार से एक बार बात हुई थी। इसके बाद हम बच्चों को लेने स्कूल चले गए थे। हमने घर में दो बार कॉल किया, तो फोन रिसीव नहीं हो रहा था। पापा हमारी ससुराल आए हुए थे। पापा ने ही कह था, फोन करके पूछ तो घर में कुछ लाना तो नहीं है। उन्होंने भी कॉल की थी, तो फोन नहीं उठा था। इसके बाद वह घर आए तो उन्हें मर्डर के बारे में पता चला। हमें हत्या नहीं लग रहा, पता नहीं क्या हुआ
पति सुशील श्रीवास्तव ने बताया- हम साइकिल से बेटी के यहां गए थे। शाम 5 बजे घर पहुंचे। ताला तोड़कर अंदर गए, तो सब कुछ अस्त-व्यस्त था। अंदर सब जगह खून ही खून दिख रहा था। हमें ये हत्या नहीं लग रहा। पता नहीं कि क्या विवाद हुआ। ऐसी कोई बात भी नहीं हुई थी कभी घर में। सुशील के अनुसार, भाई सुनील की शादी करीब 20 साल पहले आबू नगर मोहल्ले में हुई थी। शादी के 6 महीने बाद ही उसका तलाक हो गया था। इसके बाद से वह हमारे परिवार के साथ ही रहता था। एएसपी बोले- गला कटा था, जहर की पुड़िया मिली
एएसपी महेंद्र पाल सिंह ने बताया, शाम को सूचना मिली थी कि एक घर में 2 शव खून से सने पड़े हैं। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो वहां मां और बेटे के शव पड़े थे। वहीं महिला का देवर गंभीर हालत में घायल पड़ा मिला। उसकी सांस चल रही थी। पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। तीनों के गले और हाथ की नसें कटी हुई थी। मौके से जहर की पुड़िया और ब्लेड भी मिला है। जांच की जा रही है। —————————- ये खबर भी पढ़ें… आशुतोष महाराज बोले-21 लाख के लिए मुझ पर हमला किया, मेरे पास शंकराचार्य के खिलाफ तगड़े सबूत ‘21 लाख रुपए के लालच में मुझ पर हमला किया और कराया गया। मुझे कोर्ट तक पहुंचने और सबूत देने से रोकने के लिए यह साजिश रची गई।’ यह दावा जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने किया है। आशुतोष, रविवार को रीवा एक्सप्रेस ट्रेन से प्रयागराज जा रहे थे। सुबह करीब 5 बजे कौशांबी में सिराथू रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेन में उन पर जानलेवा हमला हुआ। पढ़ें पूरी खबर