फिरोजाबाद में उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने विकसित भारत ग्रामीण रोजगार गारंटी एक्ट (जी-राम-जी) को ग्रामीण रोजगार के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम बताया। सोमवार शाम फिरोजाबाद पहुंचे मंत्री ने कहा कि यह नया कानून रोजगार की गारंटी के साथ-साथ पारदर्शिता और विकास भी सुनिश्चित करेगा। मंत्री ने विपक्ष द्वारा किए जा रहे विरोध को तथ्यहीन और बेबुनियाद करार दिया। मंत्री उपाध्याय ने मनरेगा योजना की तुलना जी-राम-जी से करते हुए कहा कि पूर्व में मनरेगा केवल गड्ढे खोदने और भरने तक सीमित थी, जिसमें बड़े पैमाने पर घोटाले होते थे। इसके विपरीत, जी-राम-जी योजना के तहत ग्रामीणों को 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है, जो मनरेगा के 100 दिन के प्रावधान से बेहतर है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव हर अच्छे काम पर आरोप लगाते हैं और उनके आरोप हमेशा तथ्यहीन होते हैं। इटावा में केदारेश्वर मंदिर निर्माण को लेकर अखिलेश यादव की टिप्पणी पर मंत्री उपाध्याय ने कहा कि मंदिर बनना एक अच्छी पहल है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “अब तक तो कब्रिस्तान और मजार बनवाने की बातें होती थीं।” शिकोहाबाद स्थित जेएस यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द होने के सवाल पर उच्च शिक्षा मंत्री ने छात्रों को उनके भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ न होने का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों से जुड़े सभी शैक्षणिक कार्य, दस्तावेज और डिग्रियां अब डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा से प्रदान की जाएंगी। प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार का मुख्य ध्यान ग्रामीण रोजगार, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर है। उन्होंने कहा कि जी-राम-जी जैसी योजनाएं विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करेंगी।