बढ़ते प्रदूषण के चलते गाजियाबाद में GRAP-4 लागू:निर्माण कार्यों पर रोक के साथ पुराने वाहनों की एंट्री बंद, AQI 422 पहुंचा

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के स्तर में तेज बढ़ोतरी के बाद Commission for Air Quality Management (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-4 को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। दिल्ली का औसत AQI सुबह 397 से बढ़कर 401 तक पहुंच गया, जबकि गाजियाबाद और नोएडा में AQI 422 दर्ज किया गया है, जो ‘सीवियर’ श्रेणी में आता है। धीमी हवाओं और स्थिर मौसम की स्थिति के चलते पूरे क्षेत्र में स्मॉग की मोटी चादर छा गई है। इससे दृश्यता में भारी कमी आई है और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा बढ़ गया है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को अधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है। GRAP-4 लागू होने के साथ ही कई सख्त प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं। गाजियाबाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि गाजियाबाद में ग्रेप-4 प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है। सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए।
दिल्ली और यूपी में आज शहरों का AQI GRAP-4 के तहत लागू हुए सख्त प्रतिबंध GRAP-4 लागू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर में कई कड़े प्रतिबंध प्रभावी कर दिए गए हैं। सबसे पहले निर्माण और विध्वंस कार्यों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। पूरे एनसीआर में गैर-आवश्यक निर्माण और विध्वंस कार्य, स्टोन क्रशर और माइनिंग गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी। इसमें अर्थवर्क, पाइलिंग, ट्रेंचिंग, वेल्डिंग और पेंटिंग जैसे सभी कार्य शामिल हैं। वाहनों पर पाबंदी दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और नोएडा में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चार पहिया वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके साथ ही स्कूलों में कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों के लिए हाइब्रिड मोड अनिवार्य कर दिया गया है। दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में जहां संभव हो, वहां ऑनलाइन कक्षाओं का विकल्प उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, अप्रूव्ड ईंधन पर चलने वाली औद्योगिक इकाइयों को छोड़कर अन्य इंडस्ट्रीज पर भी रोक रहेगी। सरकारी कार्यालयों में कामकाज के समय को लेकर स्टैगर्ड व्यवस्था लागू की जाएगी। CAQM ने नागरिकों से अपील की है कि वे सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें, मास्क पहनें और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। प्रदूषण के प्रमुख कारणों में वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और मौसमी परिस्थितियां शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। नगर निगम की टीमें लगातार सड़कों पर पानी का छिड़काव कर रही हैं, ताकि धूल को नियंत्रित किया जा सके।